Budget 2026-27 : समाजोन्मुख विकास साधने का प्रयास करने वाला बजट !

  • केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत किया वर्ष २०२६-२७ का बजट

  • ​कर संरचना में कोई परिवर्तन नहीं ।

  • ​७ नये अतिवेगवान (हाई स्पीड) रेल मार्ग ।

  • ​३ आयुर्वेदिक ‘एम्स’

  • ​कैंसर की १७ औषधियों पर सीमा शुल्क निरस्त ।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

नई देहली – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष २०२६-२७ का केंद्रीय बजट लोकसभा में प्रस्तुत किया । इस बजट में स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, आधारभूत संरचना तथा अन्य क्षेत्रों के लिए बडी घोषणाएं की गई हैं । इसके माध्यम से सरकार ने समाजोन्मुख विकास करने के संकल्प को व्यक्त किया है । इसमें १ अप्रैल से नया आयकर अधिनियम लागू होगा । आयकर विवरणी (रिटर्न) भरने हेतु ३१ अगस्त तक की समय-सीमा दी गई है । अब आयकर भरना अधिक सुव्यवस्थित एवं सरल होगा । इसके साथ ही दुर्घटना बीमा से प्राप्त राशि पर अब कर नहीं लगेगा । इसके अतिरिक्त ७ नये अतिवेगवान रेल मार्ग तथा ३ आयुर्वेदिक ‘एम्स’ निर्माण करने की घोषणा सीतारमण ने की । इससे आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को बडा लाभ होगा । विशेष रूप से कैंसर की १७ औषधियों को सीमा शुल्क से मुक्त कर दिया गया है ।

अघोषित संपत्ति पर अब कारावास नहीं, केवल दंड !

यदि करदाता ने अपनी आय त्रुटिपूर्ण दिखाई अथवा छिपाई, तो उसे कर राशि के १०० प्रतिशत तक दंड देना होगा । अघोषित संपत्ति पर अब कारावास का दंड नहीं होगा, अपितु सीधे ३० प्रतिशत दंड आरोपित किया जाएगा । कर के विषयों में अनियमियता पाए जाने पर भी सीधे आर्थिक दंड दिया जाएगा ।

इस बजट में सीमा शुल्क में कटौती तथा अन्य छूटों के कारण वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्यों में न्यूनता आने की संभावना है । इससे सामान्य नागरिकों तथा संबंधित उद्योगों को बडी सहायता प्राप्त होगी ।

​बजट के ३ मुख्य कर्तव्य

  • वेग : उत्पादकता बढाकर आर्थिक विकास की गति को तीव्र करना ।
  • क्षमता : जनशक्ति की क्षमता बढाना जिससे वे राष्ट्र की प्रगति में सहभागी बन सकें ।
  • सबका साथ : प्रत्येक परिवार तथा क्षेत्र के पास आय के पर्याप्त स्रोत एवं अवसर उपलब्ध हों ।

बजट की बडी घोषणाएं

​१. ‘आत्मनिर्भर भारत’ हेतु २ सहस्र करोड रुपयों का प्रावधान ।

२. कैंसर की १७ औषधियों तथा ७ दुर्लभ रोगों की औषधियों को आयात शुल्क में छूट ।

३. देश में २० नवीन जलमार्गों की घोषणा । वर्ष २०४७ तक जलमार्गों का जाल १२ प्रतिशत तक बढाया जाएगा । वाराणसी तथा पाटलीपुत्र में नौका निर्माण केंद्र स्थापित किए जाएंगे ।

४. मुंबई से पुणे, पुणे से भाग्यनगर, भाग्यनगर से चेन्नई, भाग्यनगर से बेंगलुरु, चेन्नई से बेंगलुरु, देहली से वाराणसी तथा वाराणसी से सिलिगुडी – ये ७ नवीन अतिवेगवान रेल मार्ग होंगे ।

५. द्वितीय श्रेणी (टायर-२) तथा तृतीय श्रेणी (टायर-३) के नगरों के विकास हेतु ५ सहस्र करोड रुपयों का प्रावधान । नगर विकास हेतु १२ लाख २० सहस्र करोड रुपयों का व्यय होगा ।

६. आयुर्वेद अध्ययन हेतु ३ नवीन ‘आयुर्वेदिक एम्स’ संस्थानों की स्थापना होगी ।

७. भारत को ‘चिकित्सा पर्यटन’ (मेडिकल टूरिजम) केंद्र बनाया जाएगा । देशभर में ५ स्थानों पर ‘चिकित्सा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे । गुजरात के जामनगर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन के केंद्र को आधुनिक बनाया जाएगा । पशु चिकित्सा महाविद्यालय तथा चिकित्सालयों हेतु आर्थिक सहायता दी जाएगी । जैव-फार्मा शक्ति हेतु १० सहस्र करोड रुपयों का प्रावधान तथा ३ बडे ‘रासायनिक उद्यानों’ (केमिकल पार्क) की स्थापना होगी ।

८. वस्त्रोद्योग, हातमाग तथा हस्तशिल्प उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, ‘महा-वस्त्र उद्योग’ (मेगा टेक्सटाइल) संकुलों का निर्माण होगा ।

९. प्रत्येक जनपद में बालिकाओं हेतु छात्रावास निर्मित किए जाएंगे, १५ सहस्र विद्यालयों में ‘विषयवस्तु सृजक केंद्र’ (कंटेंट क्रिएटर हब) बनाए जाएंगे ।

१०. ५०० एकीकृत मत्स्य केंद्र स्थापित होंगे, मत्स्य व्यवसाय में महिलाओं की सहभागिता बढाई जाएगी ।

११. ‘खेलो इंडिया मिशन’ की घोषणा, खेल प्रशिक्षण केंद्र तथा स्पर्धाओं का आयोजन होगा ।

१२. प्रशिक्षण तथा अन्य विमानों के निर्माण हेतु आवश्यक कलपुर्जों पर आधारभूत सीमा शुल्क से छूट ।

१३. भारत सेमीकंडक्टर मिशन ‘आई.एस.एम. २.०’ का प्रारंभ होगा ।

१४. भ्रमणभाष (मोबाइल) तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने हेतु ४० सहस्र करोड रुपये ।

​रक्षा बलों हेतु ७ लाख ८४ सहस्र करोड रुपये

​भारतीय सेना के आधुनिकीकरण हेतु विशाल मात्रा में निधि का प्रावधान किया गया है । रक्षा मंत्रालय के पास राफेल लडाकू विमान क्रय, पनडुब्बियों तथा मानव रहित वायुयानों (ड्रोन) जैसे महत्वपूर्ण प्रकल्पों के प्रस्ताव विचाराधीन हैं । रक्षा बजट में कुल ८ प्रतिशत की वृद्धि की गई है । रक्षा बलों के आधुनिकीकरण हेतु २१ लाख करोड रुपये दिए जाएंगे ।

नारियल उत्पादन वृद्धि हेतु प्रोत्साहन योजना

​नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढाने, विभिन्न पद्धतियों से उत्पादन बढाने तथा उत्पादकता में सुधार हेतु नारियल प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी । इसमें मुख्य नारियल उत्पादक राज्यों में खराब हुये वृक्षों के स्थान पर नवीन प्रजातियों का रोपण सम्मिलित है । वर्ष २०३० तक भारत को कच्चे काजू तथा नारियल उत्पादन एवं प्रसंस्करण में स्वावलंबी बनाने, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढाने तथा भारतीय काजू एवं ‘कोको’ को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित ब्रांड बनाने हेतु एक विशेष कार्यक्रम प्रस्तावित है ।

​कर संरचना में परिवर्तन नहीं !

कर संरचना में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है । अतः कर प्रणाली यथावत रहेगी ।
​(सूचना : १२ लाख रुपयों तक की वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को आयकर नहीं भरना होगा । इसका कारण यह है कि इन करदाताओं पर उनकी आय के अनुसार जितना कर निर्धारित होगा, सरकार उतनी ही राशि की छूट (रिबेट) प्रदान करेगी । तथापि १२ लाख रुपयों से अधिक वार्षिक आय वालों को पूर्ण कर भरना होगा ।)

​वस्तुओं के मूल्य पर प्रभाव

​सस्ता :

  • बीडी
  • ​बूट (जूते)
  • ​वस्त्रों का निर्यात
  • ​सी.एन.जी. (CNG)
  • ​विदेश यात्रा
  • ​चर्म निर्यात
  • ​बायोगैस
  • ​ओवन एवं संबंधित उपकरण
  • ​बैटरी
  • ​७ गंभीर रोगों की औषधियां
  • ​मधुमेह की औषधियां
  • ​मछुआरों हेतु निर्यात शुल्क में कमी
  • ​विदेश में शिक्षा ग्रहण करना

​महंगा :

  • मदिरा
  • ​सिगरेट
  • ​खनिज
  • ​कबाड (स्क्रैप)

विकसित भारत की ओर सुदृढ कदम बढाता बजट ! – देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई – यह बजट विकसित भारत की ओर सुदृढ कदम बढ़ाने वाला बजट है । शहरीकरण को नियोजित करके, उद्योग एवं उद्यमिता को प्रोत्साहन देकर, निवेश तथा रोजगार सृजन के लिए इस बजट में ठोस उपाय किए गए हैं । आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) क्षेत्र में १२ लाख करोड रुपयों का निवेश, कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं सिंचाई के लिए भारी प्रावधान किए गए हैं । प्रत्येक जिले में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली बालिकाओं के लिए छात्रावास की योजना सिद्ध की गई है । जिला चिकित्सालयों में ‘आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था’ स्थापित करने का निर्णय स्वास्थ्य क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा । इस बजट से उद्योग क्षेत्र में रोजगार सृजन का लक्ष्य स्पष्ट दिखाई दे रहा है । इससे निवेश को गति प्राप्त होगी ।

​आधारभूत संरचना के लिए सरकार १२ लाख करोड रुपयों का निवेश करेगी । कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, सिंचाई के लिए व्यापक योजनाएं, निवेश तथा वृद्धि हेतु यह बजट महत्वपूर्ण है । ‘लखपती दीदी’ योजना, ‘मार्केटप्लेस’ निर्माण करने की योजना, ‘महिला नेतृत्व’ व्यवस्था निर्मित होने से महिलाओं की सहभागिता बढेगी । कुछ ‘कॉरिडोर’ (सुसज्जित मार्ग) घोषित होने से महाराष्ट्र को लाभ प्राप्त होगा । ग्रामीण सडक परियोजनाओं में ३७८ करोड रुपये, उद्वहन सिंचाई (लिफ्ट इरिगेशन) हेतु २०७ करोड रुपये, जैसी विभिन्न परियोजनाएं इसमें सम्मिलित हैं । इसका निश्चित रूप से राज्य को लाभ होगा ।