
ढाका (बांग्लादेश) – बांग्लादेश में १२ फरवरी को सार्वत्रिक चुनाव हो रहे हैं । अनुमानित १७ करोड से अधिक जनसंख्यावाले इस देश में उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस चुनाव में कुल ८० हिन्दू प्रत्याशी चुनाव लड रहे हैं । इनमें से १२ प्रत्याशी निर्दलीय है तथा ६८ प्रत्याशी विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हैं । उनमें १० महिलाओं का समावेश है । बांग्लादेश की कुल जनसंख्या तथा वहां के अल्पसंख्यकों की संख्या ध्यान में ली जाए, तो यह आंकडा बहुत ही अल्प है ।
Bangladesh Election 2026
⚠️ Representation Crisis in Bangladesh 🇧🇩🗳️As the Feb 12th elections approach, the Hindu minority faces a double challenge:
1️⃣ The Numbers: Only 80 Hindu candidates are in the fray for a population of 170M+ (just 10 are women).2️⃣ The Fatwas:… https://t.co/yQ5gqX7ajy pic.twitter.com/lup9brCRno
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 24, 2026
१. बांग्लादेश चुनाव आयोग के आंकडों के अनुसार अल्पसंख्यक समुदाय के ८८ प्रत्याशियों ने नामांकन प्रविष्ट किया था, उनमें से ५ प्रत्याशियों के नामांकनपत्र खारिज किए गए, जबकि ३ प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस लिए । अंततः वर्तमान में कुल ८० प्रत्याशी चुनाव लड रहे हैं । वर्तमान में चुनाव आयोग के पास ६० राजनीतिक दल पंजीकृत हैं । पूर्व सत्ताधारी अवामी लीग का पंजीकरण निलंबित तथा उनकी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं ।
२. इस चुनाव में बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी (बीएन्पी), जमात-ए-इस्लामीसहित कुल २२ राजनीतिक दलों ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को प्रत्याशी बनाया है । वामपंथी राजनीतिक दलों ने सबसे अधिक अल्पसंख्यक प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है । बांग्लादेश कम्युनिस्ट पार्टी ने १७ अल्पसंख्यक प्रत्याशियों को प्रत्याशी बनाया है तथा किसी भी राजनीतिक दल से दिया गया यह सबसे बडा आंकडा है ।
३. ‘बांग्लादेश हिन्दू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद’ के संयुक्त अध्यक्ष निर्मल रोसारियो ने बताया कि अल्पसंख्यक समुदाय यदि राजनीतिक निर्णयप्रक्रिया में सक्रियरूप से सहभागी नहीं हो सकते हों तथा वे चुनाव परिणामों पर अपना प्रभाव नहीं डाल सकते हों; तो उनके अधिकार, विकास एवं अस्तित्व की संपूर्ण रक्षा संभव नहीं होगी । उन्होंने अल्पसंख्यकों के द्वारा चुनावी राजनीति एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में और सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता रेखांकित की ।
४. बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी ने अल्पसंख्यक समुदाय के ६ लोगों को प्रत्याशी बनाया है । इसमें उनके दल के २ वरिष्ठ नेता हैं । स्थाई समिति के सदस्य गायेश्वर चंद्र रॉय ढाका-३ से, जबकि उपाध्यक्ष निताई रॉय चौधरी मागुरा-२ से चुनाव लड रहे हैं । कपिल कृष्ण मंडल बागेरहाट – १, सोमनाथ डे बागेरहाट – ४, दीपेन दीवान रंगमति से तथा सचिंग प्रयू बंदरबन से चुनावी मैदान में हैं ।
५. राष्ट्रीय चुनावों के इतिहास में पहली बार जमात-ए-इस्लामी ने अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति के प्रत्याशी बनाया है । श्री. कृष्ण नंदी खुलना – १ चुनावक्षेत्र से चुनाव लड रहे हैं । इस चुनावक्षेत्र में हिन्दूबहुल डाकोप एवं बाटियाघाटा इन उपजिलों का समावेश है । श्री. नंदी खुलना जिले के दुमुरिया उपजिले के चुकनगर के निवासी हैं तथा दुमुरिया उपजिला जमात की हिन्दू समिति के अध्यक्ष हैं । इस बार खुलना-१ चुनावक्षेत्र विशेष चर्चा में हैं, जहां से कुल ८ अल्पसंख्यक प्रत्याशी चुनाव लड रहे हैं । इसमें जमात, कम्युनिस्ट पार्टीसहिततत ६ राजनीतिक दलों के प्रत्याशी हैं, साथ ही २ निर्दलीय प्रत्याशी भी इसी समुदाय के हैं ।
संपादकीय भूमिकाबांग्लादेश में ८० हिन्दुओं को प्रत्याशी बनाया जाना बडी बात कहनी पडेगी ! |
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