Hasina Bangladesh Crisis : बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार – पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना

नई दिल्ली – भारत में निर्वासित जीवन जी रही बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर कडी आलोचना की है । बांग्लादेश में होने वाले चुनावों से पहले उन्होंने वहां की जनता से यूनुस सरकार के विरोध में खडे होने का आह्वान किया है । शेख हसीना ने कहा है कि यूनुस सरकार के गठन के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अन्याय हो रहा है , विशेष रूप से महिलाओं और लडकियों को प्रताडित किया जा रहा है ।

१. बांग्लादेश में १२ फरवरी को आम चुनाव होने जा रहे हैं । अवामी लीग को चुनाव लडने से रोका गया है । अवामी लीग की प्रमुख ने ऑडियो संदेश के माध्यम से बांग्लादेश की वास्तविक स्थिति को सामने रखा तथा यूनुस सरकार के विरोध में जनता को जागरूक होने का आह्वान किया । ५ अगस्त २०२४ को सत्ता से बलपूर्वक हटाए जाने के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं ।

२. इस कठिन समय में पूरे बांग्लादेश को एकजुट होकर मुक्ति संग्राम की भावना से आगे बढ़ने का आह्वान शेख हसीना ने किया है ।

३. शेख हसीना ने आगे कहा कि बांग्लादेश में मानवाधिकारों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है । मीडिया की स्वतंत्रता समाप्त हो चुकी है । हिंसा , उत्पीड़न तथा महिलाओं पर यौन अत्याचार लगातार हो रहे हैं । धार्मिक अल्पसंख्यकों पर निरंतर अन्याय हो रहा है ।जो कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है ।

४. शेख हसीना ने हाल की घटनाओं की अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के माध्यम से निष्पक्ष जांच की आवश्यकता व्यक्त की है । उन्होंने वर्तमान सरकार को ‘विदेशी शक्तियों का एजेंट’ बताते हुए ‘राष्ट्र का शत्रु’ कहा है ।