(और इनकी सुनिए…) “बांग्लादेश की अपेक्षा भारत अपने अल्पसंख्यकों पर ध्यान दे, तो अधिक अच्छा होगा !” – Touhid Hossain

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश परामर्शदाता (सलाहकार) तौहीद हुसैन का भारत-विरोधी वक्तव्य

तौहीद हुसैन

ढाका (बांग्लादेश) – हम भारत में अल्पसंख्यकों के विरुद्ध होने वाली कार्रवाइयों पर बयान नहीं देते । भारतीय अधिकारियों को भी यही मत अपनाना चाहिए, ऐसी अपेक्षा है । हमारे नागरिकों पर अत्याचार होने की स्थिति में उनसे निपटने के लिए हमारे पास अपनी व्यवस्था है । भारत यदि अपने ही अल्पसंख्यकों पर ध्यान दे, तो अधिक अच्छा होगा । हम अपना काम स्वयं करेंगे—ऐसा वक्तव्य बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश परामर्शदाता तौहीद हुसैन ने दिया है ।

भारतीयों की सुरक्षा में विफलता का कोई प्रमाण नहीं !

बीबीसी को दिए गए साक्षात्कार में तौहीद हुसैन ने ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के राजनयिक अधिकारियों के परिवारों को वापस बुलाने के भारत के निर्णय पर आपत्ति जताई । उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत ने अपने राजनयिक अधिकारियों के परिवारों को बांग्लादेश से वापस बुला लिया है । हम भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हों—इसका कोई भी प्रमाण नहीं है । इसलिए भारत का यह निर्णय हमें उचित नहीं लगता ।

(और इनकी सुनिए…) “हमने ऐसा क्या किया कि भारत से संबंध बिगड गए ?”

“क्या भारत एवं बांग्लादेश के संबंध इस समय सबसे निचले स्तर पर हैं ?”—इस प्रश्न पर हुसैन ने कहा, “मुझे इसके बारे में नहीं पता; परंतु बांग्लादेश एवं भारत के संबंध दोनों देशों के लिए महत्त्वपूर्ण हैं तथा उन्हें सुधारने के लिए दोनों पक्षों को कदम उठाने चाहिए । भारत के साथ संबंधों को निचले स्तर पर ले जाने वाला कोई भी कदम हमारी ओर से नहीं उठाया गया है । दिल्ली में मेरे समकक्ष (विदेश मंत्री) से पूछकर देखिए कि क्या हमने उनके विरुद्ध कोई कठोर कदम उठाया है ? हमने ऐसा क्या किया जिससे भारत के साथ संबंध बिगड गए ?” (इसे कहते हैं चोरी, उपर से सीनाजोरी ! – संपादक)

शेख हसीना का उल्लेख करते हुए हुसैन ने कहा कि जब वे भारत में थीं, तब उनसे यह अपेक्षा थी कि वे बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति से असंगत वक्तव्य देने से बचेंगी; परंतु ऐसा नहीं हुआ ।

पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध रखना चाहते हैं !

इस्लामाबाद एवं ढाका के संबंधों पर बोलते हुए तौहीद हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंध पिछले शासनकाल में, शेख हसीना के समय, जानबूझकर बिगाडे गए थे । पाकिस्तान के साथ हमारे कुछ विवाद हैं तथा उन पर बातचीत चल रही है । साथ ही हम उनके साथ सामान्य संबंध स्थापित करने का भी प्रयास कर रहे हैं । “किसी भी देश के साथ अच्छे संबंध रखना चाहने में अनुचित क्या है ?”—ऐसा प्रश्न उन्होंने उठाया । पडोसी देश होने के नाते पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध रखना चाहते हैं । अन्य देशों की तरह हमें भी सभी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा ।

संपादकीय भूमिका

‘चोरी, उपर से सीनाजोरी’, जैसी मानसिकता वाला बांग्लादेश ! भारत में भारतीय मुसलमानों के साथ-साथ बांग्लादेशी घुसपैठिए मुसलमान भी सुरक्षित हैं तथा भ्रष्टाचार के कारण उन्हें भारत में नागरिकता से जुडे पहचान पत्र भी मिल रहे हैं; जबकि बांग्लादेश के नागरिक अल्पसंख्यक हिन्दुओं को वहां अत्याचारों का सामना करना पड रहा है एवं यह पूरा विश्व देख रहा है । इस पर आवाज उठाना भारत का अधिकार है !