Indian Hydro Train : देश की सर्वप्रथम हाइड्रोजन रेल हरियाणा में दौडने के लिए तैयार !

जींद से सोनीपत मार्ग पर दौडेगी, अनेक सुविधाओं से सुसज्जित यह रेलगाडी !

हाइड्रोजन रेल

सोनीपत (हरियाणा) – हाइड्रोजन से चलने वाली देश की सर्वप्रथम रेलगाडी हरियाणा के जींद से सोनीपत मार्ग पर संचालन के लिए पूर्ण रूपेण तैयार हो गई है । इस पहल के माध्यम से भारतीय रेलवे हरित ऊर्जा की दिशा में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है ।

इस रेलगाडी की झलक हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने सामाजिक माध्यम पर साझा किए गए लघु चलचित्र के माध्यम से दिखाई है । लघु चलचित्र में उन्होंने हाइड्रोजन रेल को हरियाणा का गौरव बताते हुए इसके शीघ्र ही नियमित रूप से चलने की अपेक्षा व्यक्त की है ।

ध्वनि रहित एवं प्रदूषण मुक्त यात्रा

इस रेलगाडी की विशेषता यह है कि यह पूर्ण रूपेण शांत पद्धति से चलेगी, जिससे ध्वनि प्रदूषण लगभग शून्य रहेगा । अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह रेलगाडी एक फेरे में अनुमानित २,६०० यात्रियों को ले जाने की क्षमता रखती है । रेलवे प्रशासन के अनुसार, नियमित सेवा में लाने से पहले इसका अंतिम निरीक्षण किया जाएगा । निरीक्षण के समय तकनीकी पहलुओं, सुरक्षा मानकों एवं गति की गहन समीक्षा की जाएगी । गुरुग्राम स्थित प्रयोगशाला में गैस की गुणवत्ता का निरीक्षण किया जा रहा है । सभी परीक्षणों एवं तकनीकी प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के उपरांत ही वास्तविक संचालन का परीक्षण किया जाएगा । इसकी तिथि अभी निश्चित नहीं हुई है ।

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गति एवं कार्यक्षमता

हाइड्रोजन रेल प्रति घंटा ११० से १४० किलोमीटर की गति से चलने में सक्षम है । इससे यह रेल पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ समय की भी बडी बचत करेगी । आने वाले समय में देश के विभिन्न हिस्सों में हाइड्रोजन रेल के मार्ग जाल का विस्तार करना सरकार एवं रेलवे प्रशासन का उद्देश्य है ।

हाइड्रोजन रेल वाला भारत बनेगा विश्व का छठा देश !

हाइड्रोजन रेल वाला भारत शीघ्र ही विश्व का छठा देश बनने जा रहा है । इस क्षेत्र में सबसे पहले जर्मनी ने वर्ष २०१८ में हाइड्रोजन से चलने वाली रेलगाडी प्रारंभ की । इसके उपरांत चीन (वर्ष २०२२ ), जापान (वर्ष २०२२), कनाडा (वर्ष २०२३) एवं अमेरिका (वर्ष २०२५ ) ने इस तकनीक का विकास कर हाइड्रोजन रेलगाडियां प्रारंभ की ।