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श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) – भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का ‘पी.एस.एल.वी. (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन) – सी-६२’ मिशन तकनीकी खराबी के कारण पूरी तरह सफल नहीं हो सका । प्रक्षेपण के बाद तीसरे चरण में तकनीकी गडबडी पाई गई, जिसके कारण उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका ।
१. पी.एस.एल.वी. रॉकेट के माध्यम से ‘अन्वेषा’ उपग्रह तथा १४ अन्य उपग्रह (७ भारतीय एवं ८ विदेशी) प्रक्षेपित किए जाने थे । ‘अन्वेषा’ एक पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह है, जिसे पृथ्वी से लगभग ६०० किलोमीटर उंचाई पर सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित करने की योजना थी । यह एक गुप्तचर उपग्रह है, जो सटीक निगरानी तथा मैपिंग के लिए उन्नत इमेजिंग क्षमताओं से सुसज्जित है । यह पृथ्वी से सैकडों किलोमीटर ऊपर से झाडियों, जंगलों या बंकरों में छिपे शत्रुओं की तस्वीरें लेने में सक्षम है ।
२. यह परियोजना ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड’ द्वारा संचालित की जा रही थी । यह संस्था इसरो की वाणिज्यिक शाखा है । भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार किसी भारतीय निजी संस्थान ने इतने बड़े स्तर पर सहभागिता की थी ।
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