Sri Lankan MP Namal Rajapaksa : दक्षिण एशिया में शांति एवं स्थिरता के लिए भारत के नेतृत्व की आवश्यकता !

श्रीलंका के सांसद नमल राजपक्षे का वक्तव्य

नमल राजपक्षे

कोलंबो (श्रीलंका) – दक्षिण एशिया में लंबे समय तक शांति एवं स्थिरता टिकाए रखने हेतु भारतीय नेतृत्व की विशेष आवश्यकता है, ऐसा प्रतिपादन श्रीलंका के सांसद नमल राजपक्षे ने ‘एक्स’पर पोस्ट कर किया । बदलती वैश्विक एवं प्रादेशिक सुरक्षा की चुनौतियों की पृष्ठभूमि पर दक्षिण एशिया में सशक्त प्रादेशिक सहयोग की तुरंत एवं अत्यंत आवश्यकता है, ऐसा उन्होंने कहा । उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में भारत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है ।

यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है, जब दक्षिण एशियासहित पूरा विश्व ही अस्थिरता के चरण से गुजर रहा है ।

दक्षिण एशिया में भारत का नेतृत्व केंद्रस्थान में है !

राजपक्षे ने बताया कि हाल ही के वर्षाें में बांग्लादेश, नेपाल एवं श्रीलंका ने अस्थिरता अनुभव की है । इस अवधि में चरमपंथी विचारधारावाले घटकों ने इस अस्थिरता को बल दिया । ऐसी स्थिति में इन ुचुनौतियों का सामना करने के लिए, आतंकवाद का सामना करने के लिए, राजनीतिक हिंसा रोकने के लिए तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता आवश्यक है ।

दक्षिण एशिया में दीर्घकालीन शांति एवं सुसंवाद बनाए रखने में प्रादेशिक एकता अत्यंत महत्त्वपूर्ण है तथा इस संदर्भ में भारत का नेतृत्व केंद्रस्थान में है, इस सूत्र पर उन्होंने बल दिया । भारत के नेतृत्व में विकास एवं स्थिरता पर आधारित समान उद्देश्योंसहित दक्षिण एशिया एकत्रितरूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधि प्रभावी भूमिका निभा सकता है, इसका भी उन्होंने उल्लेख किया । उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश एवं नेपाल में होनेवाले आगामी चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पद्धति से संपन्न हुएए तो उससे लोकतांत्रिक वैधता की पुष्टि होगी, जिससे प्रादेशिक सुरक्षा को अधिक बल मिलेगा ।

संपादकीय भूमिका

भारत इस अपेक्षा के लिए पात्र है ! आनेवाले समय में भारत यदि सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर एवं सुसज्जित हुआ, तो वह केवल दक्षिण एशिया का ही नहीं, अपितु समस्त विश्व का नेतृत्व करेगा, यह निश्चित है ! उसके लिभ, भारतीय राजकर्ताओं को अभी से ही दूरदृष्टि रखकर निर्णय लेकर उसके अनुसार कदम उठाने आवश्यक !