Pramod Muthalik : कर्नाटक में लाए जानेवाले ‘द्वेषपूर्ण भाषण’विधेयक का श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने किया विरोध !

  • मुसलमानों का तुष्टीकरण करनेवाला विधेयक !

  • हिन्दुओं को लक्ष्य बनानेवाला विधेयक !

श्रीराम सेना के प्रमुख श्री. प्रमोद मुतालिक

मंगलुरू (कर्नाटक) – श्रीराम सेना के प्रमुख श्री. प्रमोद मुतालिक ने कर्नाटक में लाए जा रहे ‘द्वेषपूर्ण भाषण’ (हेट स्पीच) विधेयक का कडा विरोध किया है । श्री. मुतालिक ने कहा है कि यह योजनाबद्ध पद्धति से मुसलमानों के तुष्टीकरण के लिए तैयार किया गया विधेयक है । राज्य सरकार ने मुसलमानों के दबाव में आकर यह विधेयक पारित किया है । इस विधेयक में हिन्दुओं को लक्ष्य बनाया गया है ।

श्री. मुतालिक ने कहा कि,

१. राज्य सरकार मुसलमानों की गतिविधियों की ओर तथा उनके विद्वेषपूर्ण भाषणों की ओर ध्यान ही नहीं देती; परंतु कांग्रेस ने आज तक योजनाबद्ध पद्धति से हिन्दुओं को लक्ष्य बनाने की नीति अपनाई है । इस विधेयक के माध्यम से हिन्दुओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है ।

२. मुसलमान प्रातः ४, ४.३० एवं ५ बजे अजान देते हैं तथा प्रार्थना करते हैं । इस प्रार्थना में ‘अल्लाह ही एकमात्र ईश्वर है तथा अन्य कोई देवता नहीं है’, ऐसा जो कहा जाता है, क्या यह द्वेष नहीं है ? शुक्रवार की नमाज के समय विद्वेषपूर्ण भाषण दिए जाते हैं । तो क्या इस विधेयक के अनुसार आप उन पर कार्रवाई करेंगे ?

३. वर्तमान समय में हिन्दू लडकियों को योजनाबद्ध पद्धति से ‘लव जिहाद’में फंसाकर उन्हें बुर्का पहनने के लिए बाध्य किया जाता है, साथ ही उन्हें वेश्या व्यवसाय एवं जिहादी गतिविधियों में ढकेला जाता है । ऐसी सहस्रों घटनाएं सामने आई हैं । उनकी रक्षा के लिए जिहादियों के विरुद्ध (अन्याय के विरुद्ध) लडाई लडना क्या द्वेष है ?

४. गोवंश हत्या बंदी कानून होते हुए भी गोहत्याएं हो रही हैं, गायों की तस्करी हो रही है तथा गोमांस का व्यवसाय चल रहा है । उसके विरुद्ध हमने लडाई लडी, तो क्या वह द्वेष है ? उसके विरुद्ध हम बोले, तो क्या वह विद्वेषपूर्ण भाषण होगा ?

५. वर्तमान समय में ईसाई मिशनरी गांव-गांव जाकर हिन्दुओं का धर्मांतरण कर रहे हैं । इस धर्मांतरण के विरुद्ध हिन्दू समाज में जागृति लाना तथा संगठित करना क्या द्वेष है ? हम समाज में जागृति लाने का काम कर रहे हैं । हिन्दू समाज की रक्षा करना हमारा दायित्व है तथा हम उसे निभाकर रहेंगे !

संपादकीय भूमिका 

कर्नाटक में जब कांग्रेस सत्ता में होगी, तो इससे भिन्न क्या होगा ? हिन्दुओं को संगठित होकर हिन्दुओं का दमबन करनेवाले कांग्रेस का लोकतांत्रिक पद्धति से विरोध करना आवश्यक !