Manikrao Kokate : क्रीडामंत्री माणिकराव कोकाटे का मंत्रीपद से त्यागपत्र !

  • सदनिका (फ्लैट) घोटाला प्रकरण

  • कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी !

महाराष्ट्र के क्रीडामंत्री माणिकराव कोकाटे

मुंबई – सदनिका (फ्लैट) घोटाला प्रकरण में २ वर्ष के कारावास का दंड प्राप्त राज्य के क्रीडामंत्री माणिकराव कोकाटे के विरुद्ध नाशिक जनपद न्यायालय ने बंदी प्रत्यक्षीकरण पत्र (अरेस्ट वारंट) जारी किया है । इस कारण उन्हें कभी भी बंदी बनाया जा सकता है । कोकाटे ने क्रीडामंत्री पद से अपना त्यागपत्र दे दिया है । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने माणिकराव कोकाटे से क्रीडा विभाग वापस लेने की अनुशंसा राज्यपाल से की थी । उसे राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान कर दी है । वर्तमान में क्रीडा विभाग का कार्यभार उपमुख्यमंत्री अजित पवार को सौंपा गया है ।

कोकाटे ने सत्र न्यायालय के निर्णय को मुंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी; किंतु उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए कि इस पर त्वरित सुनवाई की आवश्यकता नहीं है, अगली सुनवाई १९ दिसंबर के दिन निश्चित की है । निर्वाचन के समय कोकाटे द्वारा त्यागपत्र दिए जाने से राष्ट्रवादी कांग्रेस को आघात लगा है ।

सरकार की छवि की दृष्टि से उचित निर्णय ! – प्रवीण दरेकर, नेता, भाजपा

भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने एक समाचार वाहिनी को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, मुझे प्रतीत होता है कि न्यायालय के निर्णय के पश्चात यदि सरकार ने इस प्रकार का निर्णय लिया है, तो यह सरकार तथा मुख्यमंत्री की छवि की दृष्टि से उचित है । अब सरकार क्रमानुसार अपनी भूमिका स्पष्ट करेगी । सरकार का अभिनंदन किया जाना चाहिए; क्योंकि जनमानस की भावना तथा न्यायालय के निर्णय का तत्काल संज्ञान लिया गया है ।

नाशिक पुलिस आयुक्त द्वारा चिकित्सकीय एवं वैधानिक विषयों का सत्यापन !

‘माणिकराव कोकाटे वर्तमान में मुंबई के लीलावती चिकित्सालय में उपचाराधीन हैं, अतः क्या उन्हें चिकित्सालय से ही बंदी बनाया जाएगा ?’, इस ओर सबका ध्यान केंद्रित है । प्रथम श्रेणी न्यायालय द्वारा उनके विरुद्ध बंदी प्रत्यक्षीकरण पत्र निर्गत किए जाने से कोकाटे को तत्काल बंदी बनाने हेतु पुलिस पर दबाव बढ़ गया है ।

नाशिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने आधुनिक चिकित्सकों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति का विवरण मांगा है । वैधानिक विषयों का सूक्ष्म सत्यापन भी प्रारंभ कर दिया गया है । कोकाटे की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति तथा वैधानिक प्रावधानों की परीक्षा करने के पश्चात ही बंदी बनाने का निर्णय लिया जाएगा ।

विजय कोकाटे की खोज निरंतर !

एक ओर जहां माणिकराव कोकाटे चिकित्सालय में हैं, वहीं दूसरी ओर उनके भ्राता तथा इस प्रकरण के सह-अभियुक्त विजय कोकाटे का कोई सुराग नहीं मिल रहा है । उनके विरुद्ध भी न्यायालय ने बंदी प्रत्यक्षीकरण पत्र निर्गत किया है । नाशिक पुलिस ने उनकी खोज हेतु पुलिस दलों को भेजा गया है ।