
रीवा (मध्य प्रदेश) – भाजप के भूतपूर्व संरक्षक तथा श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के जाने-माने संत डॉ. रामविलास दास वेदांती इन्होंने यहां देहत्याग किया । वहां उनकी राम कथा चल रही थी । इसी समय उनकी प्रकृति बिगड गई । २ दिन से यहां के सुपर स्पेशालिटी रुग्णालय में उनका उपचार चल रहा था । अब उनका पार्थिव शरीर अयोध्या ले जाया जाएगा । रामविलास वेदांती हनुमानगढी के महंत अभिराम दास के शिष्य थे । अयोध्या में उनका वशिष्ठ भवन नाम का आश्रम भी है । वर्ष २०२० में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआय) की विशेष न्यायालय ने उन्हें बाबरी मस्जिद गिराने के प्रकरण में दोषमुक्त कर दिया था ।
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