कुख्यात समाचार संस्थान ‘बीबीसी’ का झूठ !

१. समाचार संस्थान ‘बीबीसी’ का भारतद्वेष एवं हिन्दूद्वेष

‘बीबीसी’ (ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन) समाचार संस्थान की स्थापना वर्ष १९२२ में हुई । ‘बीबीसी’ कोई निजी संस्था नहीं है । वह इंग्लैंड, वेल्स एवं नॉर्थ आयरलैंड की समावेशी तथा ब्रिटिश राजवंश के स्वामित्ववाली प्रसारण संस्था है । यह एक सार्वजनिक सेवा संस्था है । ‘बीबीसी’ की नीति सदैव भारत विरोधी एवं हिन्दू विरोधी ही रही है । इस समाचार संस्थान में पाकिस्तानी अथवा धर्मांध पत्रकारों का समावेश है । इसलिए उनका भारत के प्रति विद्वेष झलकता रहता है । कुछ वर्ष पूर्व इंद्रप्रस्थ (देहली) में निर्भया बलात्कार प्रकरण हुआ था । उसमें उन्होंने जानबूझकर भारत की प्रतिमा धूमिल करनेवाला वार्तांकन किया । गुजरात दंगों में उन्होंने धर्मांधों का पक्ष लेकर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिमा धूमिल करने का प्रयास किया था । उसके लिए ‘बीबीसी’ ने कथित पीडित लोगों तथा बलात्कार पीडितों की भेंटवार्ताएं दिखाईं ।  पहलगाम में जब पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा हिन्दुओं पर आक्रमण किया गया, उस समय ‘बीबीसी’ ने उन जिहादी आतंकियों को आतंकी न कहकर उनका उल्लेख केवल ‘बंदूकधारी’ कहकर किया । विदेशी मुद्रा कानून भंग करने के प्रकरण में भारतीय प्रशासन ने ‘बीबीसी’ को दंडित किया है, साथ ही एक अन्य प्रकरण में अभी भी उनके विरुद्ध दिल्ली के उच्च न्यायालय में एक अभियोग चल रहा है ।

पू. (अधिवक्ता) सुरेश कुलकर्णीजी

२. डॉनल्ड ट्रम्प की मानहानि का प्रयास

वर्ष २०२१ में जब डॉनल्ड ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपतिपद का चुनाव हार गए थे, उस समय उन्होंने जो भाषण दिया था; उसमें उन्होंने वक्तव्य दिया था, ‘हम सभी कैपिटल हिल तक जाएंगे तथा हमारे जनप्रतिनिधियों का उत्साह बढाएंगे ।’; परंतु ‘बीबीसी’ ने जानबूझकर ट्रम्प के भाषण में दो कडियों को जोडकर उसे तोड-मरोडकर प्रस्तुत किया । ‘बीबीसी ने उनके उस भाषण को तोड-मरोडकर प्रस्तुत किया, उसमें ट्रम्प ऐसा कहते हैं, ‘हम कैपिटल हिल्स तक जाएंगे । मैं आप सभी के साथ रहूंगा तथा हम पूरी शक्ति से लडेंगे ।’ उसके उपरांत वहां जो हिंसा हुई, उस हिंसा के लिए अकेले ट्रम्प ही उत्तरदायी हैं, ऐसा दिखाया गया । ‘बीबीसी’ इतने पर ही नहीं रुका, अपितु जब डॉनल्ड ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत गए, तब भी उन्होंने यह वीडियो पुनः प्रसारित किया । ट्रम्प ने जब स्वयं के ध्वनिमुद्रित भाषण का ‘क्लिप’ (वीडियो) सुना, तब उन्हें बात समझ में आई ।

३. मानहानि करने के लिए ट्रम्प की ‘बीबीसी’ से ८ सहस्र ८६२ करोड रुपए की हानि-भरपाई की मांग

इस प्रकरण में १० नवंबर २०२५ को ‘बीबीसी’ के महानिदेशक टीम डेव एवं ‘बीबीसी न्यूज’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेबोरा टर्नेस ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया । इसके साथ ही ब्रिटेन के संसद की संस्कृति, माध्यमों एवं खेल समिति के अध्यक्ष को लिखे गए पत्र में ‘बीबीसी’ के अध्यक्ष समीर शाह, जो भारतीय वंश के हैं, उन्होंने क्षमायाचना की । मानहानि करने के प्रकरण में ट्रम्प ने ‘बीबीसी’ से ८ सहस्र ८६२ करोड रुपए की मांग की है, साथ ही उन्होंने इस संबंध में स्वतंत्र रूप से अभियोग प्रविष्ट करने की भी बात कही है ।

‘बीबीसी’ यदि अमेरिका जैसे देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन व्यक्ति के विषय में ऐसा कर सकता है, तो वह भारत के राजनेताओं के विषय में कुछ भी कर सकता है । ‘बीबीसी’ के भारतद्वेष एवं हिन्दूद्वेष में अनेक बार यह बात दिखाई दी है । भारत की पूववर्ती सरकारों की अनदेखी ही ‘बीबीसी’ की इस उद्दंडता का कारण है । अतः ऐसे भारतद्वेषी एवं हिन्दूद्वेषी समाचार संस्थान पर शीघ्रातिशीघ्र प्रतिबंध लगाना ही उचित होगा ।’

श्रीकृष्णार्पणमस्तु ।

– (पू.) अधिवक्ता सुरेश कुलकर्णी, मुंबई उच्च न्यायालय (२०.११.२०२५)