‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना ने पाक सेना की ११८ चौकियां ध्वस्त की थीं ! – Jammu IG BSF

पाकिस्तान ने सीमावर्ती ७२ आतंकवादी ठिकानों को अंदरूनी क्षेत्रों में खिसकाया !

महानिरीक्षक शशांक आनंद

जम्मू (जम्मू-कश्मीर) – सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जम्मू प्रांत के महानिरीक्षक शशांक आनंद ने एक पत्रकार परिषद में जानकारी दी कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तानी सेना की ११८ चौकियां ध्वस्त कर दी थीं । इस कारण पाक सेना की निगरानी व्यवस्था एवं रक्षा प्रणाली ढह गई । इस आघात के कारण पाकिस्तान को ७२ से अधिक आतंकवादी ठिकानों को अंदरूनी भागों में खिसकाना पडा । इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय कार्रवाई के कारण पाकिस्तान को अपनी रणनीति से पीछे हटना पडा ।

अभी भी सक्रिय आतंकवादी ठिकाने

महानिरीक्षक शशांक आनंद के अनुसार, यद्यपि भारतीय सेना ने पाक के सियालकोट क्षेत्र में ३ प्रमुख आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है, फिर भी सियालकोट एवं जफरवाल क्षेत्र में अभी भी ४० से ५० किलोमीटर अंदर १२ ठिकाने कार्यरत हैं । इसके अलावा, ६० से अधिक ठिकाने पिछले (अंदरूनी) भाग में होने की जानकारी है । इन स्थानों पर गतिविधियां परिवर्तनशील होती हैं तथा जब आतंकवादियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ के लिए तैयार किया जाता है, तो इन स्थानों को सक्रिय कर दिया जाता है ।

भारत ‘ऑपरेशन सिंदूर २’ के लिए तैयार

महानिरीक्षक शशांक आनंद ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना एवं सीमा सुरक्षा बल निरंतर गुप्त जानकारी के आधार पर दृष्टि रख रहे हैं तथा पाकिस्तान की प्रत्येक गतिविधि पर सूक्ष्मता से दृष्टि (नजर) है । यदि पाकिस्तान या उसके समर्थित आतंकवादियों ने फिर से कोई गतिविधि की, तो भारत ‘ऑपरेशन सिंदूर २’ आरंभ करने में देर नहीं लगाएगा । सैनिक एवं अधिकारी किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तत्पर हैं तथा पहले से भी अधिक कठोर एवं सटीक प्रत्युत्तर देने के लिए सज्ज हैं ।

पाक को बड़ी क्षति पहुंचाने की सेना में क्षमता

महानिरीक्षक आनंद ने कहा कि वर्ष १९६५, १९७१ एवं १९९९ के कारगिल युद्ध या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अनुभव को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल को सभी प्रकार के संघर्षों का प्रशिक्षण है । चाहे पारंपरिक हो या मिश्रित स्वरूप का युद्ध, हम तैयार हैं । यदि आवश्यक स्थिति आई, तो इस वर्ष मई में पाक को पहुंचाई गए हानि से अधिक बडा आघात पहुंचाने की क्षमता है । सरकार जो नीति तय करेगी, उसके अनुसार भूमिका का कडाई से पालन किया जाएगा ।