आतंकवादविरोधी दल द्वारा मुंब्रा (जिला ठाणे) में दो लोगों को बंदी बनाया गया

दिल्ली में बमविस्फोट का प्रकरण

मुंब्रा (जिला ठाणे) – महाराष्ट्र आतंकवादविरोधी दल ने यहां चार घरों पर छापे मारकर दो व्यक्तियों को बंदी बनाया है । इनमें से एक का नाम इब्राहीम आबिदी बताया गया है । इस समय दल ने भ्रमणभाष (मोबाइल) तथा हार्डडिस्क अधिग्रहित की हैं । उन पर ‘अल्-कायदा’ से संबंध होने का संशय है । आबिदी शिक्षक बताया जाता है । वह यहां किराये के घर में रह रहा था । कुर्ला स्थित मस्जिद में वह उर्दू पढाने के लिए जाता था । आबिदी के तीन बच्चे हैं । बंदी बनाये गए व्यक्तियों में से एक सॉफ्टवेयर अभियंता बताया गया है ।

कुर्ला में आबिदी की दूसरी पत्नी रहती है । उसके घर पर भी आतंकवादविरोधी दल ने छापा मारा । इस दल में आतंकवादविरोधी दल के १२ पुलिसकर्मी एवं ३ स्थानीय पुलिसकर्मी सम्मिलित थे ।

(और इनकी सुनिये…) “सभी आतंकवादी सरकार के समर्थन के बिना नहीं हो सकते !”

‘टीवी ९’ इस समाचार वाहिनी के पत्रकार ने छापा मारे गए संशयित आबिदी के घर जाकर उसकी पत्नी का साक्षात्कार लिया । उस समय उसने पूछा, “आबिदी का ‘अल्-कायदा’ से संबंध होने की बात सामने आई है”, इस पर उसने अत्यंत उद्दंडता से कहा, “ ‘अल्-कायदा’ तो मर चुकी है । ‘अल्-कायदा’ का अस्तित्व ही है क्या ? बताइए न, आप ही बताइए, ‘अल्-कायदा’ है ही क्या ? हां कि नहीं ? मैं आपसे पूछ रही हूं । सभी आतंकवादियों को सरकार का समर्थन होता है । यदि हम उनमें से होते, तो हमें भी सरकार का समर्थन होता । हम भोले लोग हैं । हमारा किसी से कोई संबंध नहीं है । यदि कुछ होता, तो हमारे घर से कुछ मिला होता क्या ? यह आरोप असत्य है । वे साबुसिद्दीक महाविद्यालय में व्याख्याता थे । पैंतीस वर्ष सेवा के पश्चात वे अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं ।”

संपादकीय भूमिका 

संशयित आतंकवादी आबिदी की पत्नी का उद्दंड व्यवहार !