दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता (स्पर्धा) के समय आवारा कुत्तों ने विदेशी प्रशिक्षकों को काटा

नई दिल्ली – यहां चल रही विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप (दिव्यांगों के लिए विश्व स्पर्धा) के समय 2 अलग-अलग घटनाओं में, केन्या के कोच डेनिस म्वांझो एवं जापान के सहायक कोच मीको ओकुमात्सु को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पर आवारा कुत्तों ने काट लिया । (स्टेडियम में आवारा कुत्तों के पहुंचने तथा काटने, के लिए उत्तरदायी लोगों को कठोर दंड मिलना चाहिए ! – संपादक)

दोनों प्रशिक्षकों का पास के चिकित्सालय (अस्पताल) में उपचार (इलाज) चल रहा है । इस घटना के उपरांत अब दिल्ली नगर निगम ने स्पर्धा स्थल पर कुत्तों को पकडने के लिए 2 पूर्णकालिक दल तैनात किए हैं । आवारा कुत्तों को शीघ्र पकडकर उन्हें आश्रय गृहों में भेजने के लिए अन्य वाहन भी तैयार रखे गए हैं ।

१. केन्याई दल के डॉक्टर माइकल ओकारो ने इस घटना के बारे में बताया कि, कुत्ते के काटने के उपरांत डेनिस को तुरंत सफदरजंग चिकित्सालय में ले जाया गया । वहां उन्हें रेबीज का टीका लगाया गया । विश्व चैंपियनशिप जैसी स्पर्धा में ऐसी घटनाएं होना एक गंभीर बात है । हमें डेनिस की चिंता है ।

२. जापान के कोच ओकुमात्सु ने कहा, ‘कुत्ते के काटने के उपरांत सौभाग्य से चिकित्सा दल ने मेरा शीघ्र उपचार किया ।’

३. स्पर्धा के आयोजकों ने इस प्रकरण में बयान देते हुए कहा कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि कुछ लोग स्पर्धा स्थल पर आवारा कुत्तों को भोजन दे रहे थे । (सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ दिन पहले ही इस संदर्भ में आदेश दिया था, फिर भी सार्वजनिक स्थान पर कुत्तों को भोजन दिया जाना क्या प्रशासन को दिखाई नहीं देता ? – संपादक)

 

दिल्ली में 8 लाख आवारा कुत्ते !

सरकारी आंकडों के अनुसार, वर्ष 2024 में दिल्ली में कुत्तों के काटने की 25,210 घटनाएं पंजीकृत की गईं । वर्ष 2023 में यह संख्या 17,847 थी । इस वर्ष जनवरी महीने में ही दिल्ली में कुत्ते के काटने की लगभग 3,200 घटनाएं पंजीकृत की गईं । दिल्ली में वर्तमान में आवारा कुत्तों की संख्या 8 लाख बताई जाती है ।

सरकारी आंकडों के अनुसार, वर्ष 2024 में दिल्ली में कुत्तों के काटने की 25,210 घटनाएं पंजीकृत की गईं । वर्ष 2023 में यह संख्या 17,847 थी । इस वर्ष जनवरी महीने में ही दिल्ली में कुत्ते के काटने की लगभग 3,200 घटनाएं पंजीकृत की गईं । दिल्ली में वर्तमान में आवारा कुत्तों की संख्या 8 लाख बताई जाती है । (इतनी बडी संख्या में आवारा कुत्तों पर प्रशासन कब एवं कैसे कार्रवाई करेगा ? उन्हें कैसे नियंत्रित रखेगा ? – संपादक)

संपादकीय भूमिका

भटकते कुत्तों की समस्या का समाधान न होने से विश्व स्तर पर भारत को लज्जित करने वाली व्यवस्था के लिए यह लज्जाजनक है !