Dalai Lama : (और इनकी सुनिए…) ‘भारत चीन की संवेदनशीलता का सम्मान करे !’ – चीन

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दलाई लामा को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने पर चीन तिलमिलाया !

बीजिंग (चीन) – दलाई लामा चीन विरोधी गतिविधियों में सम्मिलित हैं एवं उनका उद्देश्य तिब्बत को चीन से पृथक करना है । अतः तिब्बत से संबंधित विषयों में भारत को चीन की संवेदनशीलता का सम्मान करना चाहिए । चीन को दिए गए आश्वासनों का पालन करना चाहिए, ऐसा आवाहन चीन ने किया है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दलाई लामा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दिए जाने पर चीन ने यह आवाहन किया ।

हिमाचल प्रदेश स्थित धर्मशाला में दलाई लामा का ९० वां जन्मदिन मनाया गया । इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू एवं अनेक अन्य भारतीय नेता उपस्थित थे ।

क्या है प्रकरण ?

चीन ने तिब्बत पर आक्रमण कर उसे निगलने के उपरांत दलाई लामा एवं उनके अनुयायियों ने भारत में आश्रय लिया । उन्हें धर्मशाला में स्थान दिया गया । तब से चीन भारत का इस पर विरोध करता आया है । अब दलाई लामा के उत्तराधिकारी के चयन का समय आने पर चीन स्वतंत्र रूप से उत्तराधिकारी चुनने का प्रयास कर रहा है एवं दलाई लामा का विरोध कर रहा है । इस पर २ जुलाई को दलाई लामा ने कहा था, ‘तिब्बती बौद्ध गुरुओं को अपना उत्तराधिकारी चुनने का पूर्ण अधिकार है ।’ भारत के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दलाई लामा के इस कथन का समर्थन किया था । इस कथन पर चीन ने अप्रसन्नता व्यक्त की थी ।

इस पर चीन ने कहा था कि दलाई लामा का अगला उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया पुराने धार्मिक नियमों एवं चीनी कानूनों के अनुसार की जानी चाहिए, जैसे कि ‘सुवर्ण कलश’ से लॉटरी निकालने की परंपरा एवं केंद्र सरकार की मान्यता । चीन ने चेतावनी दी थी कि भविष्य में भी इन नियमों का पालन किया जाना चाहिए; क्योंकि इसे वे अपनी संप्रभुता का प्रश्न मानते हैं ।

हम धार्मिक बातों पर नहीं बोलते ! – भारत

दलाई लामा के उत्तराधिकार के विषय में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार श्रद्धा एवं धार्मिक प्रथाओं से संबंधित बातों पर कोई हस्तक्षेप नहीं करती तथा कुछ भी बोलती नहीं ।

संपादकीय भूमिका 

  • ‘भारत को क्या करना चाहिए एवं क्या नहीं करना चाहिए ?, यह चीन हमें न बताए’, ऐसे शब्दों में भारत ने चीन को सुनाना चाहिए !
  • भारत के विरोध को अनदेखा कर एवं पाक से हाथ मिलाकर पाक अधिकृत कश्मीर में परियोजनाएं चलानेवाले चीन ने क्या कभी भारत की संवेदनशीलता का सम्मान किया है  ?