नेपाल सीमा : उत्तरप्रदेश के गावों में ईसाइयों द्वारा निर्धन सिक्खों का धर्मपरिवर्तन !

लक्ष्मणपुरी (उत्तरप्रदेश) – भारत-नेपाल सीमा के समीप पिलीभीत जिले के ग्रामीण क्षेत्र में भारी मात्रा में निर्धन सिक्खों का धर्मपरिवर्तन होने की घटनाएं सामने आई हैं । इस गांव की सामाजिक तथा आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है । इसलिए लोग सहजता से लालच एवं धर्मपरिवर्तन की ओर झुकते हैं । इस क्षेत्र में अधिकांश लोग झोपडीसमान घर में रहते हैं । इस प्रकरण में बेल्हा गांव के निवासी तथा गुरुद्वारा समिति के सचिव पी.जी. सिंह ने प्रशासन को लिखित स्वरूप में परिवाद किया एवं आरोप लगाया कि गांव में रहनेवाले सिक्खों को लक्ष्य बनाया जा रहा है, उन्हें ईसाई धर्म स्वीकारने के लिए प्रवृत्त किया जा रहा है तथा आर्थिक सहायता करने का आश्वासन दिया जा रहा है । स्थानीय ग्रामस्थों ने दावा किया है कि इस धर्मपरिवर्तन के पीछे हरियाना, नेपाल तथा अन्य राज्यों के कुछ पादरियों का हाथ है । ‍वे लोगों को निशुल्क शिक्षा देने हेतु तथा घरों का निर्माणकार्य करने हेतु पैसा एवं स्वास्थ्य सुविधा समान चीजों का लालच दर्शा कर चर्च में लेकर जाते हैं ।

गा‍ोंवो में चर्चों का निर्माणकार्य हो रहा है !

एक गां‍व के एक युवक ने पादरियों के संपर्क में आने पर स्वयं के भूखंड पर चर्च का निर्माणकार्य आरंभ किया । स्थानीय लोगों को यह ज्ञात होते ही उन्होंने प्रशासन से तकरार की । तत्पश्चात निर्माणकार्य तत्काल रोका गया । वहां के अनेक गावों में ऐसी ही घटनाएं दिखाई दे रही हैं ।

किसी भी परिस्थिति में धर्मपरिवर्तन की घटनाओं को सहन नहीं किया जाएगा ! – स्थानीय जिलाधिकारी

इस प्रकरण में एक पीडित परिवार ने हजारा पुलिस थाने में ८ लोगों के नाम तथा साधारणत: ४५ लोगोें से अधिक लोगों के विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट (दाखिल) किया है । नए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने इस गंभीर घटना का पंजीकरण किया है । प्रशासन ने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में धर्मपरिवर्तन की घटनाओं को सहन नहीं किया जाएगा।’

संपादकीय भूमिका

इससे ध्यान में आता है कि उत्तरप्रदेश में धर्मपरिवर्तनतरविरोधी कानून होते हुए भी ईसाई उसे नहीं मानते । इस स्थिति को परिवर्तित करने हेतु केवल ’हिन्दू राष्ट्र´ की आवश्यकता है !