EAM S Jaishankar Slams Pakistan: पाकिस्तान में आतंकवाद एक खुला व्यवसाय है एवं सरकार तथा सेना उसका पोषण करते हैं !

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस्. जयशंकरजी ने पाक को फटकारा !

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस्. जयशंकर

बर्लिन (जर्मनी) – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवादियों की सूची में पाकिस्तानी नाम एवं ठिकाने हैं । हमने इन्हीं ठिकानों को लक्ष्य किया । पाकिस्तान में आतंकवाद एक खुला व्यवसाय है, जिसे सरकार एवं सेना द्वारा समर्थन, निधि एवं पोषण किया जाता है । जो अंधा नहीं है, वह देख सकता है कि, पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता है, ऐसे शब्दों में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस्. जयशंकरजी ने पाक का चेहरा उजागर किया । वे जर्मन समाचारपत्र ‘फ्रैंकफर्टर ऑलगेमाइन जीटुंग’ को दिए साक्षात्कार में बोल रहे थे ।

विदेश मंत्री एस्. जयशंकरजी ने साक्षात्कार में रखे हुए सूत्र

१. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने आतंकवादियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि, अप्रैल में कश्मीर में हुए आक्रमण का मूल्य उन्हें चुकाना पडेगा ।

२. पाक के पास चीनी शस्त्रास्त्र !

पाकिस्तान के पास जो शस्त्रास्त्र हैं, वे चीनी निर्मित हैं । वे दोनों देश परस्पर के बहुत निकट हैं । आप इससे अपना निष्कर्ष निकाल सकते हैं ।

३. पाश्चात्य देश जानबूझकर अणु शस्त्रों का भय दिखाते हैं !

दक्षिण एशिया में कुछ भी होने पर, पाश्चात्य देशों द्वारा अर्थात यूरोप, अमेरिका द्वारा तत्काल उसका संबंध अणुशस्त्र संकट से जोडा जाता है । अणुशस्त्र संघर्ष से विश्व बहुत ही दूर है । सच कहूं तो आपके प्रश्न पर मुझे आश्चर्य होता है, ऐसा भी जयशंकरजी ने स्पष्ट किया ।

४. पाक की विनती के उपरांत भारत ने कार्रवाई रोकी !

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय आतंकवादी ठिकाने हमारा लक्ष्य थे । मापकर, बहुत सावधानीपूर्वक विचार कर तनाव नहीं बढेगा, ऐसी हमारी कृति थी; परंतु पाकिस्तानी सेना ने हम पर गोलीबारी की । हम पाक की हवाई संरक्षण यंत्रणा निष्क्रिय कर सकते हैं, यह दिखाने के लिए हम समर्थ हैं । उसके उपरांत पाकिस्तान की विनती पर कार्रवाई रुक गई ।

अमेरिका के कारण युद्धविराम नहीं हुआ !

‘भारत-पाकिस्तान के मध्य हुए युद्धविराम के लिए अमेरिका का आभार मानना चाहिए क्या ?’ इस प्रश्न पर जयशंकरजी ने कहा कि, दोनों ओर के सैन्य कमांडरों के मध्य सीधी चर्चा के उपरांत शस्त्रविराम का निर्णय हुआ । दिन निकलने से पूर्व ही हमने प्रभावी आक्रमण कर पाकिस्तान के वायुसेना के ठिकाने एवं हवाई संरक्षण यंत्रणा निष्क्रिय की । तब शस्त्रविराम के लिए मैं किसका आभार मानूं ? मैं भारतीय सैन्यदलों का आभार मानूंगा; क्योंकि भारतीय सैन्यदलों के कारण पाकिस्तान को बोलना पडा कि, हम रुक रहे हैं ।

संपादकीय भूमिका 

ऐसा बताना अब नया नहीं रहा है, तो ‘यह आतंकवाद भारत पाक में घुसकर सदा के लिए नष्ट करनेवाला है’, ऐसा विश्व को डंके की चोट पर बताना चाहिए !