बाल झडने के विविध कारण तथा उनके लिए उपचार

‘वर्तमान समय में समाज में अनेक लोगों की बालों की समस्याएं बहुत बढ गई हैं । उसके लिए हम बहुत पैसा खर्च करते हैं; परंतु महंगे उपचार लेकर भी हमें अपेक्षित लाभ नहीं मिलता । बाल झडने के कारण हमारे आहार-विहार से संबंधित हैं ।

१. ‘शरीर में बढी हुई गर्मी’, बालों के झडने का प्रमुख कारण होना

१ अ. गर्मी बढने के कारण

१. देर रात सोना तथा सवेरे देर से जागना

२. पेट साफ न होना

३. रात में गहरी नींद न आना

४. समय पर भोजन न करना

५ . तैलीय तथा मसालेदार पदार्थ अधिक मात्रा में खाना

डॉ. दीपक जोशी

१ आ. अन्न के पाचन के लिए शरीर अधिक मात्रा में पित्त अर्थात आम्ल तैयार करता है, उससे शरीर में गर्मी बढना : उक्त कारणों से पेट के अंगों पर तनाव आता है तथा उससे अन्न का पाचन होने में बाधा उत्पन्न होती है । उसके कारण अन्न का पाचन ठीक से नहीं होता । ऐसी स्थिति में ‘पेट भारी होना, गैस बनना, खट्टे डकार आना इत्यादि कष्ट उत्पन्न होकर शरीर में विषैले पदार्थ बढने लगते हैं । पेट की इन सभी समस्याओं के कारण हमारे लिए आवश्यक प्रोटीन तथा जीवनसत्त्व (विटामिन) शरीर में (आंतों में) अवशोषित नहीं होते । उसके कारण हमारे शरीर में प्रोटीन एवं जीवनसत्त्व न्यून होने लगते हैं । ‘बाहर का अधिक खाना, पचने में भारी पदार्थ खाना, व्यायाम न करना’, इसके कारण खाया हुआ शीघ्र नहीं पचता । उसे पचाने हेतु शरीर अधिक मात्रा में पित्त अर्थात आम्ल (एसिड) उत्पन्न करना है; परंतु इस आम्ल के कारण शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है । इस गर्मी के कारण ‘बाल झडना, अकाल बाल सफेद होना, बालों की वृद्धि कुंठित हो जाना’ जैसे कष्ट होने लगते हैं । ऐसी स्थिति में पीडित बालों के लिए बहुत पैसा खर्च करते हैं; परंतु उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिलता ।

२. उपचार

अ. ‘सर्वप्रथम शरीरशुद्धि करना, शरीर की गर्मी को न्यून करने के लिए उचित औषधियां लेना, साथ ही समय पर सोना, समय
पर जागना, प्रतिदिन पेट साफ होने तथा समय पर भोजन करने का प्रयास करने से गर्मी न्यून (कम) होकर बालों का झडना न्यून हो जाता है ।

आ. शरीर के पोषण के लिए उचित जीवनसत्त्व (विटामिन ए, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, लोह, ओमेगा – ३, विटामिन इ, जिंक एवं बायोटीन (विटामिन बी ७) प्राप्त होने हेतु उचित आहार लें ।’

– डॉ. दीपक जोशी, निसर्गाेपचार विशेषज्ञ (बैचलर नैचरोपथी एंड योगिक साइन्स), देवद, पनवेल (१८.२.२०२५)