१२० करोड नहीं, बल्कि १ हजार २०० करोड के घोटाले की शंका !
मालेगांव – राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले यह बात सामने आई थी कि नासिक के मालेगांव से करोड़ों रुपये का बैंक ट्रांजैक्शन किया गया है । यह बात सामने आई थी कि मालेगांव के एक बैंक में कुछ लोगों को अलग-अलग खातों में १२५ करोड़ रुपये मिले और बाद में पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए । इस मामले में बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने शिकायत दर्ज कराई है । इस मामले में अब ‘नासिक मर्चेंट कॉ.ऑप. बैंक के मैनेजर रवींद्र कानडे और सहवस्थापक दीपरत्न निकम को पुलिस ने बंदी बनाया है । आशंका जताई गई है कि यह हेराफेरी १२० करोड़ रुपये की नहीं, बल्कि १ हजार २०० करोड़ रुपये की है । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच से पता चला है कि २१ फर्जी प्रतिष्ठानों के बैंक खातों से ८०० करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है और हेराफेरी का दायरा महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली राज्यों तक फैला हुआ है ।
१. इससे पहले ईडी ने मालेगांव ‘वोट जिहाद फंडिंग स्कैम’ मामले के मुख्य मास्टरमाइंड सिराज मोहम्मद से जुड़े २४ से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की थी । ईडी की ये कार्रवाई महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में चल रही थी । आरोपी सिराज मोहम्मद के २४ बेनामी बैंक खाते ‘नासिक मर्चेंट बैंक’ और मालेगांव के महाराष्ट्र बैंक में पाए गए ।
२. प्रवर्तन निदेशालय ने शेल प्रतिष्ठानों के (शेल प्रतिष्ठान वे हैं जो केवल प्राप्त करने, रखने, वित्त करने और उत्पादन नहीं करने के लिए सिद्ध होते है ) २१ बैंक खातों से डेबिट और क्रेडिट लेनदेन के माध्यम से ८०० करोड़ रुपये के “मनी ट्रेल” ( मनी ट्रेल याने पैसे का हिसाब, अथवा पैसे की हलचल पहचानना ) पहचान कर ली गई है । जानकारी सामने आई है कि महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में स्थित ये प्रतिष्ठान बहुत कम समय में स्थापित किए गए हैं ।
संपादकीय भूमिकाइस मामले से स्पष्ट है कि चुनाव में मुस्लिम राजनेताओं को चुनने के लिए ‘वोट जिहाद’ के नाम पर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जाता है । इसकी गंभीरता को देखते हुए संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए ! |

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