अध्यक्ष पद पर भारत रहेगा !
नई देहली – अब तक भारत के ४२ ऐतिहासिक स्थानों को ‘वैश्विक धरोहर’ यह दरजा प्राप्त हुआ है तथा शीघ्र ही और कुछ स्थानों की इस सूची में प्रविष्टि होने की संभावना है । इस विषय में २१ जुलाई को देहली में ‘युनेस्को वैश्विक धरोहर समिति’ की बैठक होगी तथा भारत में पहली बार यह बैठक होगी । उसमें भी इस वर्ष भारत इस समिति के अध्यक्ष स्थान पर रहेगा । २१ से ३१ जुलाई की समयावधि में चलनेवाली इस बैठक में १९५ देशों के प्रतिनिधि सहभागी होंगे ।
‘युनेस्को’ के वैश्विक धरोहर समिति का इस वर्ष ४६ वां सत्र होगा । विश्व के सांस्कृतिक एवं दुर्लभ धरोहर के संवर्धन हेतु कार्यरत ‘युनेस्को’ की इस समिति में २१ देशों के प्रतिनिधि समाहित हैं । भारत को चौथीबार इस समिति का हिस्सा बनने का अवसर मिला है तथा सदस्यता का कार्यकाल ४ वर्ष (२०२१ से २०२५) है । इस के साथ ही भारत इस समिति का अध्यक्ष भी है । केंद्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस की जानकारी दी ।
वैश्विक धरोहर समिति की बैठक का महत्त्व !
वैश्विक धरोहर समिति, वैश्विक धरोहर स्थानों का पंजीकरण करती है । उन सभी सथानों की देखभाल उचित पद्धति से हो रही है ना , इसका विवरण भी इस समिति द्वारा रखा जाता है । वैश्विक धरोहर समिति की बैठक में सभी देशों से अपने अपने देश के वस्तुओं की धरोहर स्थानों की सूची में समाहित करने के प्रस्ताव पर चर्चा एवं मूल्यमापन किया जाता है । जो स्थान बैठक में अंतिम के रूप में घोषित होते हैं, उनके नाम ‘युनेस्को’ द्वारा ‘वैश्विक धरोहर समिति सूची” में समाहित किए जाते हैं।


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