नई देहली – भारत में जहां डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, वहीं एक चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है। डॉ.राकेश एम. पारिख के नेतृत्व में १६ संस्थानों द्वारा किए गए शोध के अनुसार यदि परिवार में मधुमेह का इतिहास है, तो ४० प्रतिशत सदस्यों को ३५ वर्ष की आयु से पहले मधुमेह होने का खतरा होता है। देश भर में १८ से ८० साल की उम्र के २ लाख २५ हजार ९५५ लोगों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर किए गए एक शोध में यह जानकारी सामने आई है । इस पर विस्तृत जानकारी इंटरनेशनल जर्नल ऑफ डायबिटीज, इन डेवलपिंग कंट्रीज में प्रकाशित हुई है। इस रिपोर्ट के अनुसार साल २०२१ में दुनिया के १० प्रतिशत मधुमेह रोगी अकेले भारत में थे। इसके अनुसार अनुमान है कि साल २०४५ तक देश में १२ करोड़ ४९ लाख लोग डायबिटीज से पीड़ित होंगे।
१. इस शोध के अनुसार, जिन परिवारों में मधुमेह का कोई इतिहास नहीं था, वहां पुरुषों की तुलना में महिलाओं को मधुमेह से पीड़ित होने की अधिक संभावना थी। रिपोर्ट के अनुसार, ३५ साल से कम उम्र के ११.५ प्रतिशत पुरुषों और १२.१ प्रतिशत महिलाओं में डायबिटीज की संभावना पायी गई ।
२. युवाओं में निष्क्रिय जीवनशैली और मोटापा इस बिमारी का सबसे बड़ा कारण है। यह समस्या इस बात से भी बढ़ गई थी कि आहार में प्रोटीन की बजाय कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक थी।

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