|

बेंगळूरु (कर्नाटक) – भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा सूर्य का अध्ययन करने के लिए लॉन्च किया गया ‘आदित्य एल १’ यान अंतत: ‘लैग्रेंज पॉइंट १’ पर ६ जनवरी की दोपहर को पहुंच गया है । यह यान २ सितंबर २०२३ को प्रक्षेपित किया गया था । १२६ दिनों में १५ लाख कि.मी. की यात्र पूरी कर दोपहर ४ बजे के आसपास यहां के ‘हेलो ऑर्बिट’ के प्वाईंट पर पहुंच गया है । आगे के ५ वर्ष यह यान यहां सूर्य का परीक्षण करेगा । प्रधानमंत्री मोदीजी ने इस सफलता के लिए देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है ।
ISRO’s “Aditya L1” has reached ‘Lagrange point’ !
Travelled 25 lakh kilometers in 126 days
It’ll study the Sun for the next 5 years#ISRO 🇮🇳 #AdityaL1Mission #AdityaL1pic.twitter.com/zA8spGdUlj
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 6, 2024
‘लैग्रेंज पॉइंट १’ क्या है ?

इटालियन-फ्रेंच गणित विशेषज्ञ जोसेफ-लुई लैग्रेंज के नाम से ‘लैग्रेंज पॉइंट’ नाम दिया गया है । उसे ‘एल १’ भी कहा जाता है । पृथ्वी एवं सूर्य के मध्य ऐसे ५ बिंदू हैं, जहां सूर्य एवं पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल संतुलित रहता है । इस स्थान पर कोई भी वस्तु रखने से वह उस बिंदू के आसपास सहजता से घूमने लगती है । प्रथम लैग्रेंज पॉइंट पृथ्वी एवं सूर्य के मध्य १५ लाख किलोमीटर की दूरी पर है । इस बिंदू पर ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होता । इस स्थान से सूर्य १५ करोड किलोमीटर की दूरी पर है ।
UP Conversion Racket : लखनऊ (उत्तर प्रदेश) – धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के ७ लोग गिरफ्तार !
भारत ‘सेमीकंडक्टर’ बना रहा है, जबकि पाकिस्तान आत्मघाती आतंकवादियों का निर्माण कर रहा है ! – Defence Minister Rajnath Singh
सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकनेवालों के विरुद्ध अपराध पंजीकृत कीजिए ।
Malda Adinath Mandir : मालदा (बंगाल) का आदिनाथ मंदिर वापस पाने का हिन्दू संगठनों का प्रयास
Budaun Love Jihad : अपहरण, दुष्कर्म एवं धर्मांतरण के प्रयास प्रकरण में शाकिर हुसैन को १० वर्ष की सश्रम कैद
Exam Paper Leak : विगत १२ वर्षों में ११६ प्रश्न-पत्र लीक : साढे सात करोड अभ्यर्थियों पर पडा प्रभाव