चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन के बीच चर्चा

सेन फ्रांसिस्को (अमेरिका) – कैलिफोर्निया में चल रही एशिया-पेसिफिक आर्थिक सहकार्य शिखर परिषद के समय चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन की १५ नवंबर की रात चर्चा हुई । द्विपक्षीय बैठक के पहले सत्र में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी उपस्थित थे । इस समय जिनपिंग ने कहा कि, अमेरिका को ताइवान को हथियार देना रोकना चाहिए । चीन के एकीकरण का समर्थन करें ।
१. जिनपिंग ने कहा कि चीन के निर्यात पर नियंत्रण, निवेश की जांच और एकतरफा प्रतिबंध के कारण चीन के हितों की हानि हो रही है । चीन के विज्ञान और तकनीकी ज्ञान को दबाकर उसका विकास रोका जा रहा है । पृथ्वी इतनी बडी है कि दोनों महासत्ता यहां रह सकते हैं । हमारे देश बहुत भिन्न हैं; परंतु हम इस अंतर के ऊपर जा सकते हैं । चीन और अमेरिका इन दो बडे देशों के लिए एक दूसरे से दूर जाना यह पर्याय नहीं हो सकता । दोनों देशों के बीच संघर्ष के घातक परिणाम हो सकते हैं ।
२. बैठक में बायडेन ने कहा कि, मुझे आपकी बातों का सम्मान है; क्योंकि मुझे लगता है कि हमें एक दूसरे को स्पष्ट रूप से समझ कर लेना सबसे महत्वपूर्ण है । यहां एक नेता दूसरे नेता से बात करता है, इस कारण आपस में गैर समझ नहीं हो सकती । इस प्रतिस्पर्धा का संघर्ष में रूपांतरण न हो, हमें यह तय करना है ।
३. पत्रकार परिषद के समय बायडेन ने कहा कि जिनपिंग से मेरी बहुत अच्छी चर्चा हुई । अनेक सूत्रों पर हमारे बीच गंभीर और सकारात्मक चर्चाएं हुईं। ताइवान के सूत्र पर मैंने पुनः अमेरिका की भूमिका स्पष्ट की । हम ‘एक चीन नीति’ का समर्थन करते हैं और यह कभी भी नहीं बदलेंगे ।
संपादकीय भूमिकाचीन अमेरिका से ऐसी मांग कर सकता है, तो भारत ने भी चीन से ‘पाकिस्तान को हथियार न दे’, ऐसी मांग की, तो इसमें क्या गलत ? |
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