
अश्विन मास में मनाए जानेवाले नवरात्रोत्सव हेतु हिन्दुओं में विशेष उत्साह रहता है । भक्तिभाव से मनाया जाने वाला नवरात्रि का उत्सव हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है । इन्हें शारदीय नवरात्रि भी कहते हैं । नवरात्रि के नौ रात्रियों में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है । यह पर्व अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है । नौ रात्रि के पहले तीन दिन महाकाली, दूसरे तीन दिनों में महासरस्वती तथा अंतिम के तीन दिनों में महालक्ष्मी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है ।
इनके नाम क्रमश: इस प्रकार हैं :
१. शैलपुत्री, २. ब्रह्मचारिणी, ३. चंद्रघंटा, ४. कूष्माण्डा, ५. स्कन्दमाता, ६. कात्यायनी, ७. कालरात्रि, ८. महागौरी, ९. सिद्धिदात्री
अधिक मास अथवा पुरुषोत्तम मास का महत्त्व !
मंदिरों के प्रतिनिधियों एवं हिन्दुओं का संगठन आवश्यक ! – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति
(और इनकी सुनिए …) ‘मार्ग पर नमाज पढना अनुचित है, तो सभी त्योहारों के उत्सवों पर प्रतिबंध लगाइए !’ : AIMIM Asaduddin Owaisi
शून्य से खडे हुए गोवा के वैभवशाली मंदिर !
अधिक मास में सनातन संस्था के ग्रंथ और लघुग्रंथ अन्यों को देकर सर्वश्रेष्ठ ज्ञानदान का फल प्राप्त करें !
दौंड (पुणे) नगर में ३ दशकों के विलंब के पश्चात ८ अनधिकृत पशुवधगृह ध्वस्त !