
नई देहली – ‘हेनले प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट २०२३ ‘ में प्रकाशित किए गए आंकडों के अनुसार, करोडों रुपए की वार्षिक आय वाले ६,५०० नागरिक वर्ष २०२३ में देश छोड सकते हैं । वर्ष २०२२ में ऐसे ७ सहस्त्र लोगों ने भारत का त्याग किया था ।
Henley private wealth migration report-2023 के मुताबिक भारत इस साल अपने 6,500 करोड़पति खो देगा. #HenleyReport #India pic.twitter.com/2nODNLyzj7
— Zee News (@ZeeNews) June 14, 2023
केवल भारत ही नहीं अपितु चीन से भी बडी संख्या में नागरिक दूसरे देशों में जाएंगे । ऐसा कहा जा रहा है कि इस सूची में चीन प्रथम क्रमांक पर है, जबकि भारत दूसरे क्रमांक पर ! ऑस्ट्रेलिया, दुबई तथा सिंगापुर जैसे देश पूरे विश्व के धनाढ्यों द्वारा पसंद किए जाते हैं । ऑस्ट्रेलिया की जलवायु, समुद्र तट, सुरक्षा सुविधाएं, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं, उच्च जीवन स्तर, उन्नत शिक्षा प्रणाली, सहज कर संरचना तथा शक्तिशाली अर्थव्यवस्था के कारण भारतीयों सहित अन्य देशों के नागरिक ऑस्ट्रेलिया को पसंद करते हैं ।
कारण क्या है?
भारत में कराधान प्रणाली तथा संबंधित नियमों में समन्वय के अभाव के कारण धनाढ्य नागरिक देश से बाहर जा रहे हैं । विदेश में व्यापार के अच्छे अवसर, विश्व स्तरीय प्रबंधन एवं सुचारु प्रशासन भी इसके कारण हैं ।
(सौजन्य : Money9)
संपादकीय भूमिका
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जब तक त्यागपत्र नहीं दे देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा !
सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया !
हमने सरकार के समक्ष रखीं ३ मांगें !
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Bangladesh Foreign Affairs Minister : (और इनकी सुनिए) “विश्व का सबसे बडा लोकतंत्र भारत अपने नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान देगा, ऐसी आशा है ।”