
कोलकाता (बंगाल) – कोलकाता उच्च न्यायालय में वर्ष १९५१ के एक मुकदमे का पिछले सप्ताह निर्णय हुआ । लगभग ७२ वर्षों से इस मुकदमे पर सुनवाई चल रही थी । बरहामपुर बैंक लिमिटेड के कर्ज संबंधित यह मुकदमा था ।
Watch: India's oldest pending court case finally settled after 72-years https://t.co/Pr9RbdB4rU
— The Times Of India (@timesofindia) January 16, 2023
इस न्यायालय के विद्यमान मुख्य न्यायाधीश का जन्म यह मुकदमा प्रविष्ट होने के लगभग एक दशक उपरांत हुआ है । इस मुकदमे समान ही वर्ष १९५२ में प्रविष्ट किए गए ५ पुराने मुकदमे और भी हैं । इनमें से २ मुकदमे दिवानी होकर वे बंगाल मे मालदा न्यायालय में प्रलंबित हैं ।
भारत को स्वतंत्रता मिलने के पहले कोलकाता उच्च न्यायालय ने १९ नवंबर,१९४८ के दिन बरहामपुर बैंक को दिवालिया घोषित कर इस बैंक को बंद करने का आदेश दिया था; लेकिन जमाकर्ताओं ने एक याचिका के माध्यम से अदालत के आदेश को चुनौती दी थी और अपना पैसा वापस पाने की मांग की।
संपादकीय भूमिका७२ वर्षों उपरांत निर्णय होने को कोई ‘न्याय मिला’, ऐसा कभी कह सकता है क्या ? |
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