आश्विन अमावस्या (२५.९.२०२२) को श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी का जन्मदिवस हुआ । उस उपलक्ष्य में…
‘कोई ऐसा भी हो सकता है, जिनके विषय में सभी को घर जैसी आत्मीयता एवं आधार प्रतीत होता है तथा जो साधकों की व्यष्टि तथा समष्टि साधना की ही नहीं, पारिवारिक समस्याएं भी सुलझा सके, ऐसी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता । श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी इतनी अद्वितीय हैं !

१. ममतामयी मां तथा साधकों की सर्वांगीण प्रगति की तीव्र उत्कंठा के साथ मार्गदर्शन करनेवाले गुरु, इन दोनों के गुणों का संगम जिनमें है एवं जो व्यापक स्तर पर कार्यरत हैं, ऐसा मेरी जानकारी में आया एकमात्र उदाहरण हैं, श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी ! ‘घर-परिवार का त्याग करनेवाले साधकों को मेरे उपरांत कौन संभालेगा ?’ तथा ‘उनकी प्रगति कौन कराएगा ?’ इस चिंता से उन्होंने मुझे मुक्त किया है ।
२. श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी में ज्ञानयोग, भक्तियोग तथा कर्मयोग, इन तीनों योगमार्गाें का तथा व्यष्टि साधना एवं समष्टि साधना का अपूर्व संगम है ।
३. आध्यात्मिक प्रगति शक्ति, भाव, चैतन्य, आनंद, शांति, इन स्तरों पर होती जाती है । श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी इन सभी स्तरों पर एक ही समय पर तथा सदैव रहती हैं ।
४. हिन्दू राष्ट्र में उनकी भांति अनेक परिपूर्ण मार्गदर्शकों की आवश्यकता होगी, यह ध्यान में रखकर वे अन्यों को भी तीव्र गति से तैयार कर रही हैं ।
५. श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदाजी अध्यात्म में ऐसा कीर्तिमान बनाएंगी, जिसे कोई तोड नहीं पाएगा !
६. विविध दैवी गुण होने के कारण श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी मेरी आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी हैं, ऐसा सप्तर्षि ने नाडीवाचन में पहले ही बताकर रखा है ।
ऐसी सर्वांग परिपूर्ण श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी को जन्मदिन के निमित्त अनेक, अनेक, अनेक शुभकामनाएं !’
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले (२०.९.२०२२)
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
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