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बरेली (उत्तरप्रदेश) – यहां पर ईसाई मिशनरियों के ‘सेंट फ्रांसिस स्कूल’ नामक विद्यालय द्वारा सिक्ख विद्यार्थियों को विद्यालय में आते समय पगडी, कृपाण (छोटा चाकू) एवं हाथ में कडा धारण करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है । विद्यालय के व्यवस्थापन ने उद्दंडता से कहा कि ये वस्तुएं यदि कोई धारण करना चाहता है, तो वह विद्यालय से अपना नाम निष्काषित (कटवा) कर जा सकते हैं ।
बरेली के सेंट फ्रांसिस स्कूल ने सिख छात्रों के पगड़ी, कृपाण और कड़ा पहनकर आने पर रोक लगा दी है। उस पर सिखों की भावनाएँ आहत करने का आरोप है।https://t.co/Ym76rMLugm
— ऑपइंडिया (@OpIndia_in) July 21, 2022
१. इस प्रकरण में यहां के ‘युथ खालसा’ गुट के अध्यक्ष मनजीत सिंह बिट्टू ने गुरुद्वारा में सिक्ख विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक लेकर विद्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया ।
२. ‘मॉडल टाऊन गुरुद्वारा कमिटी’ के पूर्व अध्यक्ष मालिक सिंह कालरा का आरोप है कि विद्यालय का विरोध करने से सिक्ख विद्यार्थियों को प्रताडित किया जा रहा है । इसलिए कोई भी अभिभावक खुलकर इसका विरोध करने सामने नहीं आ रहा । कालरा ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सिस्टर लिसमिन को हटाने की मांग की है । अन्य सिक्खों ने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विद्यालय पर कार्यवाही कर उपर्युक्त निर्देश वापस लेने के लिए बाध्य करने की मांग की है ।
संपादकीय भूमिकाऐसे विद्यालयों का पंजीकरण रद्द कर सबंधितों को सिक्खों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में कारागृह में बंद कर देना चाहिए; इससे उन पर धाक रहेगी । |
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