
मुझप्फरपुर (बिहार) – यहां के नीतीश्वर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. लालन कुमार की कक्षा में पिछले २ वर्ष ९ मास एक भी विद्यार्थी न आने के कारण उन्होंने इस कालावधी के २३ लाख ८२ सहस्र २२८ रुपयों का संपूर्ण वेतन धनादेश (cheque ) के रूप में महाविद्यालय को वापस किया था ।
…म्हणून मला हा पगार नको, प्राध्यापकाने 24 लाखांचा चेक केला परत; सर्वत्र होतंय भरभरून कौतुकhttps://t.co/A12IoFOEE3
— Lokmat (@lokmat) July 7, 2022
इस पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने अब कहा है कि, मैंने मेरा स्थानांतर करने के लिए ६ बार आवेदन दिया था; पर उस पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई । इसलिए मैं दु:खी था । मैं कोई भी निर्णय लेने की स्थिति में नहीं था । मैने भावुक होकर यह निर्णय लिया था । मैंने किए हुए सभी वक्तव्य को वापस ले रहा हूं ।
अमरीका की ‘ब्लूमबर्ग’ समाचार संस्था द्वारा भारत विरोधी लेख वापस लिया गया !
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