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क्या चर्चों एवं मस्जिदों की भूमि पर अन्य धर्मियों अर्थात हिन्दुओं को वाहन खडे करने की अनुमति दी जाती है ? क्या यह आधुनिकतावादी बताएंगे ? – संपादक

मंगलुरू (कर्नाटक)- राज्य के पुट्टुरु में प्रसिद्ध महतोभर महालिंगेश्वर मंदिर के सामने के वाहन अड्डे में हिन्दुओं के अतिरिक्त अन्य धर्मियों ने वाहन खडे नहीं करने चाहिए, ऐसा आदेश मंदिर की कार्यकारिणी समिति ने जारी किया है ।
Row as Puttur Mahalingeshwara Temple in #Karnataka #Mangaluru bans non-Hindus from using parking.https://t.co/4m8b8yPKdi
— TIMES NOW (@TimesNow) August 30, 2021
इतना ही नहीं, यदि अन्य धर्मियों द्वारा वाहन खडा किया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी, ऐसा आदेश जारी किया गया है तथा मंदिर के मंडप में उस संबंध में एक फलक लगाया गया है । इस मंदिर का सरकारीकरण हुआ है । विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल ने कार्यकारी समिति को आवेदन देकर मांग की थी कि, ‘मंदिर की भूमि पर हिन्दुओं को वाहन खडे करने के लिए प्राथमिकता दी जाए तथा अन्य धर्मियों को रोका जाए ।’ इसी के आधार पर समिति ने मंदिर के स्वामित्व वाले वाहन अड्डे के संबंध में यह नियम बनाया है । (यह बात कार्यकारिणी समिति के स्वयं ध्यान में क्यों नहीं आई ? यदि राज्य के अन्य मंदिरों में भी ऐसा ही हो रहा है, तो उन्हें अभी ऐसा निर्णय लेने की आवश्यकता है । मंदिर समितियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि, जिहादी आतंकवादियों द्वारा वाहनों के माध्यम से आक्रमण करने की अनेक घटनाएं हुई हैं । राज्य की भाजपा सरकार को भी मंदिरों को, इस संबंध में नियम बनाने के लिए कहना चाहिए ! – संपादक)
इस निर्णय का हिन्दुत्वनिष्ठ व्यक्तियों ने स्वागत किया है, परंतु आधुनिकतावादियों ने इसकी आलोचना की है ।
१. इस संबंध में स्पष्टिकरण देते हुए मंदिर की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मुळिय केशवप्रसाद ने कहा है कि, महालिंगेश्वर मंदिर हिन्दू धर्मार्थ कानून के अंतर्गत आने के कारण, हिन्दुओं को प्राथमिकता दी गई है । इसके पूर्व, इस भूमि पर अन्य धर्मी वाहन खडे कर जाते थे ; इसलिए, मंदिर में आने वाले भावकों को कठिनाइयों का सामना करना पड रहा था । इस संबंध में अनेक शिकायतें प्राप्त होने के पश्चात, यह आदेश जारी किया गया था ।
२. इससे पूर्व, विहिप एवं बजरंग दल ने मेले के समय अन्य धर्मियों द्वारा दुकान लगाने पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था । उनके अनुसार, मेले के समय अन्य धर्मियों द्वारा दुकानें लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था । (क्या प्रत्येक बार हिन्दू संगठनों द्वारा बताए जाने पर ही मंदिर समिति जागेगी ? इसके लिए, हिन्दू मंदिर सरकार के नहीं, अपितु भक्तों के नियंत्रण में होने चाहिए ! – संपादक)
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