- राज्य सरकार के अनुदान के रूप में लूटे गए करोडों रुपए !
- यदि ऐसा घोटाला देश में अन्य कहीं हो रहा है, तो केंद्र एवं राज्य सरकारों ने इसकी जांच करनी चाहिए ! अनुदान देने से पूर्व, प्रशासन द्वारा मदरसों की उचित जानकारी तथा उसका सत्यापन क्यों नहीं किया गया ? या प्रशासनिक अधिकारी भी इस घोटाले में सम्मिलित हैं ? उनकी भी खोज की जानी चाहिए !
- अनुदान प्राप्त करने के लिए असत्य सूचना देने वाले संबंधितों को आजीवन कारावास का दंड मिलना चाहिए !
- क्या ऐसी घटनाओं के विषय में निधर्मीवादी अपना मुंह खोलेंगे ?
आजमगढ (उत्तर प्रदेश) – आजमगढ जनपद के ६८३ मदरसों में से लगभग ३०० मदरसों में घोटाला होने की बात सामने आ रही है । यहां शिक्षकों तथा कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित गलत सूचना देने का आरोप है । इनमें से १०० मदरसों को सरकार से अनुदान प्राप्त हो रहा है । सरकार द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई है । यह भी पाया गया कि, उसमें से कुछ मदरसे मात्र कागज पर हैं तथा वास्तव में वे अस्तित्व में है ही नहीं । इस प्रकार सरकार से करोडों रुपए की लूट हो रही थी । वर्ष २०१७ में, सरकार द्वारा राज्य के सभी मदरसों की सूचना ऑनलाइन एकत्रित करना आरंभ किया था । इसमें जनपद के उपर्युक्त सभी मदरसों ने सूचना प्रविष्ट की थी । उसकी जांच करते समय यह घोटाला उजागर हुआ । सरकार अब विशेष जांच दल द्वारा घोटाले की जांच करेगी ।
कोंकण क्षेत्र की देवराई भूमियों को ‘सरकार जमा’ करने की कार्यवाही की जांच कीजिए – राजस्वमंत्री ने उपसचिव को दिया निर्देश
शनिशिंगणापुर स्थित श्री शनिदेव की मूर्ति के संवर्धन हेतु वज्रलेपन किया जाएगा ।
Tuljabhavani Temple : श्री तुलजाभवानी देवी की ४ सहस्र एकड भूमि के घोटाले की सघन जांच करें !
(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar
आलंदी (जिला पुणे) बसस्थानक में प्लैटफॉर्म के नाम के फलक गायब
छोटे बच्चों को गोमांस देने का परामर्श का प्रकरण !