भारत में अभी भी मानवता शेष है, इसका यह एक उदाहरण है ! यह भी उतना ही सत्य है कि, देश में इस प्रकार के व्यवहार के लोग दुर्लभ हो गए हैं !
जयपुर (राजस्थान) – पाली की ६० वर्षीय महिला, लेहर कंवर ने एक युवक के लिए बांगड चिकित्सालय में अपनी खाट छोड दी । लेहर कंवर स्वयं प्राणवायु सहायता ले रही थी ; परंतु जैसे ही उसने देखा कि वह युवक बहुत पीडा में है, वह कुर्सी पर बैठे बैठे प्राणवायु लेने लगी ।
१. ४ घंटे की प्रतीक्षा के पश्चात लेहर कंवर को चिकित्सालय में खाट उपलब्ध हुई थी । उसी समय उनका ध्यान एक गाडी में बेहोश पडे एक युवक पर गया । बाबूराम नाम का व्यक्ति कोरोना से संक्रमित था तथा उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी । जब लेहर कंवर को इसकी सूचना मिली, तो उसने उसे अपनी खाट बाबूराम को देने के लिए कहा ।
२. लेहर ने कहा, “मैं अपना जीवन जी चुकी हूं । मेरे बच्चों का विवाह हो चुका है ; परंतु इस व्यक्ति के छोटे बच्चे हैं । इसलिए उनका उपचार करें । मैं कुछ और समय के लिए व्हीलचेयर में प्रतीक्षा करुंगी ।”
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