सरकार जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं देने में असफल हो रही है, यह देखते हुए अब भगवान की शरण में जाने के सिवाय पर्याय नहीं, यह ध्यान दें !

शहडोल (मध्य प्रदेश) – यहां के जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से कोरोना के १२ मरीजों की मृत्यू हो गई है । इसमें ६ मरीजों की मृत्यु देर रात को हुई । आक्सीजन सिलेंडर समाप्त होने से मृत्यु होने का आरोप मरीजों के रिश्तेदारों ने लगाया है । ‘आक्सीजन की कमी नहीं थी, तो आक्सीजन का प्रेशर कम हो गया था’, ऐसा मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता ने किया है । ‘आई.सी.यू. में भी अनेक मरीज हैं । ऑक्सीजन की कमी होती, तो और भी मौतें होतीं । आक्सीजन की कमी है; लेकिन उपलब्ध आक्सीजन के माध्यम से मरीजों को आवश्यकतानुसार आक्सीजन दिया जा रहा है’, ऐसा भी अधिष्ठाता ने कहा ।
12 #coronavirus patients died at the Shahdol Medical College in #MadhyaPradesh allegedly due to the lack of oxygen. However, Shahdol ADM denied that the shortage of oxygen had anything to do with the deaths.
(@ReporterRavish )#COVID19 https://t.co/4nkKajD3b1— IndiaToday (@IndiaToday) April 18, 2021
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता कमलनाथ ने इस घटना पर भाजपा सरकार पर टिप्पणी की है । कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि, ऑक्सीजन की कमी से शहडोल में मरीजों की मृत्यु होने की घटना बहुत दु:खद है । भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, जबलपुर, खंडवा और खरगोन में आक्सीजन की कमी से मरीजों की मृत्यु होने पर भी सरकार जागी क्यों नही ? आक्सीजन की कमी के कारण होने वाली मृत्यु कब रुकेगी ? ऐसा प्रश्न पूछा है ।
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