भाजपा के राज्य में ऐसी घटनाए होना हिंदूओं को अपेक्षित नहीं ! इस मामलें को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गंभीरता से लेकर, संबंधितों पर कठोर कार्यवाही कर राज्य के सभी वन माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करनी चाहिए !

विदिशा (मध्यप्रदेश) – लटेरी तालुका के मुरवास गांव में धर्मांध वन माफियाओं ने संतराम वाल्मीकी नामक व्यक्ति की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी । धर्मांध वन माफिया, भ्रष्ट वन अधिकारीयों के सहयोग से यहां की सरकारी भूमी पर अतिक्रमण कर रहे थे और संतराम वाल्मीकी उनके विरोध में आवाज उठाते थे । वे इस विषय में प्रशासन से शिकायत करते थे । इस कारण, फकीर मोहम्मद, उसके पुत्र इरफान, रिजवान, उमर फारूक और हिरो, शकील आदी ने भरे बाजार में संतराम की हत्या कर दी, ऐसा कहा जा रहा है । इस हत्या के बाद स्थानीय नागरिकों ने यहां के विधायक उमाकांत शर्मा के नेतृत्व में रस्ता रोको आंदोलन करते हुए धर्मांध वन माफिया के विरोध में कार्यवाही करने की मांग की ।
१. वन विभाग और वन विकास की ओर से सहस्रों एकड भूमी पर सरकारी खर्च से वनीकरण किया जा रहा था । वन माफियाओं द्वारा, यह पेड काटकर वहां खेती के लिए भूमी बनाई जा रही थी । वर्ष २०१७ से संतराम इसकी शिकायत प्रशासन को कर रहा था । राज्यपाल और मुख्यमंत्री के पास भी उसने शिकायत की थी ; किंतु प्रशासन और सरकार की ओर से इसके विरोध में कोई भी कार्यवाही नहीं की गई । (शिकायत करने पर भी उसकी ओर ध्यान नहीं देते, तो यह गंभीर होकर दोषियों पर क्या कार्यवाही करेंगे ? -संपादक)
२. १० सितंबर, २०२० को शिकायत के बाद, जिला कलेक्टर ने कार्यवाही के नाम पर निर्दोष लोगों की जमीन पर जेसीबी चलवा दी और उनके खेतों को नष्ट कर दिया था ।
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