दिल्ली के दंगों के संशयित हिंदू अभियुक्तों को मारने के षडयंत्र का खुलासा ! दो कट्टरपंथी गिरफ्तार

  • गिरफ्तार होने और जेल जाने के बाद भी कट्टरपंथी अपने आपराधिक दिमागों को जागृत करके बदला लेने का प्रयास करते हैं, इसलिए सरकार को ऐसे लोगों को फांसी की सजा दिलाने का प्रयास करना चाहिए !
  • जेलों में हत्या का प्रयास होने का मतलब है कि जेलों की सुरक्षा व्यावस्था कमजोर है । जो इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें ही जेल में बंद करना चाहिए !

नई दिल्ली : यह खुलासा हुआ है कि, दिल्ली के दंगों के सिलसिले में तिहाड जेल में संशयित हिंदू अभियुक्तों की हत्या की साजिश जेल में बंद एक कट्टरपंथी ने अपने एक सहचारी के संग रची थी । पुलिस ने इस मामले में दोनों को गिरफ्तार कर लिया है । पुलिस ने कहा कि, ‘जेल में पारा पिलाकर हिंदू आरोपियों को मारने का षडयंत्र रचा गया था । जेल में बंद शाहिद और कारागार के बाहर रहनेवाला असलम ने मारने की साजिश रची थी । इसके लिए असलम ने शाहिद के पास जेल में पारा भेजा था ।’

अंकित और उसके दो साथियों की हत्या की साजिश रची गई थी । धर्मांध आरोपियों को शक था कि इन हिंदू आरोपियों ने दिल्ली के जाफराबाद में एक धार्मिक स्थल में आग लगा दी थी ; यद्यपि, पुलिस जांच में पता चला है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है । पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पारा जेल में कैसे पहुंचाया गया ।