यौन उत्पीडन की शिकायत के उपरांत, कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री ने दिया त्यागपत्र !

नौकरी का लालच दिखाकर युवती से दुष्कर्म का आरोप !

देश के अधिकांश दलों के नेताओं या मंत्रियों पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं । इससे पता चलता है कि, सभी दलों के नेता एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं ! क्या उनकी निष्पक्ष जांच की जाएगी ? ऐसा प्रश्न लोगों के मन में आना युक्तिसंगत है !

बैंगलुरु (कर्नाटक) – कर्नाटक में भाजपा सरकार में जल संसाधन मंत्री और बेलगाम के संरक्षक मंत्री रमेश जारकीहोली के विरुद्ध एक २५ वर्षीय युवती के साथ यौन उत्पीडन का आरोप लगाया गया है । एक सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक अधिकार संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिनेश कलहल्ली ने यह शिकायत दर्ज कराई है । कहा जाता है कि, के.पी.टी.सी.एल. (कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) में नौकरी दिलाने का वादा करके यह अत्याचार किया गया था । दिनेश कलहल्ली ने पीडिता और जारकीहोली के बीच निजी पलों की सीडी जारी की है । रमेश जारकीहोली पहले कांग्रेस में थे । विरोध के बाद, जारकीहोली ने इस्तीफा दे दिया ।

इस शिकायत के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रमेश जारकीहोली के विरुद्ध विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया । उन्होंने जारकीहोली के इस्तीफे की मांग की है । जारकीहोली ने आरोपों के बारे में कहा, “यह एक राजनीतिक षडयंत्र है, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए ।’’