सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का प्रतिपादन
ओटीटी एप्स पर वेब श्रृंखलाओं के माध्यम से हिदू देवी-देवता, राष्ट्रीय नायक, भारतीय वायु सेना आदि का अपमान किया जा रहा है तथा यह प्रकरण विगत कुछ मास से चल रहा है । जबकि अनेक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं, सरकार अभी भी सोच ही रही है, यह प्रकरण देशभक्त और हिन्दुओं को अपेक्षित नहीं है ! देशप्रेमियों तथा धर्मप्रेमियों की अपेक्षा है कि सरकार को राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा के लिए तत्परता से कदम उठाने चाहिए !

नई देहली : केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में प्रतिपादन किया कि सरकार ओटीटी एप्स को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करने पर विचार कर रही है । न्यायालय ने सरकार से इस पर छह सप्ताह में उत्तर देने को कहा है ।
#OTT प्लेटफॉर्म पर परोसे जा रहे अनाप शनाप कंटेंट के दिन लदने वाले हैं#SupremeCourt https://t.co/CXL8JbVShV
— Zee News (@ZeeNews) February 17, 2021
अधिवक्ता शशांक शेखर एवं अधिवक्ता अपूर्वा अरहाटिया द्वारा प्रविष्ट याचिका में मांग की गई है, कि ओटीटी को नियंत्रित करने के लिए एक स्वायत्त संस्था होनी चाहिए । न्यायालय ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जेनरल संजय जैन को, ‘सरकार इस संदर्भ में क्या कार्रवाई करनेवाली है’, यह प्रस्तुत करने का निर्देश दिया ।
Contemplating ‘some action’ on regulating OTT platforms, Centre tells SChttps://t.co/co7aVupp5g
— The Indian Express (@IndianExpress) February 16, 2021
सर्वोच्च न्यायालय ने गत वर्ष १५ अक्टूबर को केंद्र सरकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया को नोटिस निर्गत (जारी) किया था ।
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