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कर्णावती (गुजरात) – पुलिस ने वर्ष २००२ में राज्य के गोधरा रेलवे स्टेशन पर खडी साबरमती एक्सप्रेस के जिस डिब्बे में कारसेवक थे, उसमें आग लगाकर ५९ कारसेवकों को जीवित जलाने के प्रकरण का मुख्य आरोपी रफीक हुसैन लापता (फरार) था । पुलिस ने उसे १९ वर्षों के पश्चात गोधरा शहर से ही बंदी बनाया है ।
रफीक को तब जाल बिछाकर बंदी बनाया गया, जब वह गोधरा में अपने परिवार से मिलने आया था । उपर्युक्त घटना के समय रफीक गोधरा रेलवे स्टेशन पर एक श्रमिक (मजदूर) के रूप में कार्यरत था ।
 
तब्बल १९ वर्षांनंतर सापळा रचून गोध्रा कांडातील मुख्य आरोपीला जेरबंद करण्यात पोलिसांना यश आले. #Gujarat https://t.co/qgysircuL7
— Lokmat (@MiLOKMAT) February 16, 2021
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