भारत और अमेरिका के लिए खतरा !
चीन इजरायल जैसे राष्ट्र हित के लिए तत्पर रहने वाले देश के इंजीनियरों से तकनीक खरीद सकता है, इससे ध्यान में आता है कि वह कितना धूर्त है । चीन का अत्यधिक खतरनाक होने पर उसका सामना करने के लिए भारत को हर प्रकार से तैयार रहना आवश्यक !

जेरुसलेम (इजरायल) – इजरायल ने उसके २० इंजीनियरों के विरोध में एक एशियाई देश को ‘हारोप’ इस घातक ड्रोन की तकनीक बेचने का आरोप लगाया है । इजरायल ने इस देश का नाम बताया नहीं, तो भी तकनीक विशेषज्ञों के अनुसार यह देश चीन है । इसके पूर्व इजरायल चीन को देखरेख के लिए यह ड्रोन देने वाला था; लेकिन अमेरिका ने यह सौदा रोक दिया । स्वयं के शस्त्र बिक्री व्यवसाय पर परिणाम न हो, इसलिए इजरायल ने इस देश के नाम का खुलासा नहीं किया, ऐसा कहा जा रहा है । यह समाचार सामने आने से पहले, इज़राइल ने घोषणा की थी कि वह इन घातक ड्रोनों की आपूर्ति के लिए तीन देशों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगा । इजरायल के नियतकालिक येरुशलम पोस्ट के अनुसार, भारत ने २०१९ में इज़राइल से १५ हारोप ड्रोन खरीदने का फैसला किया था ।
यद्यपि यह तकनीक चीन के हाथ लगने से भारत और अमेरिका के लिए बडा खतरा निर्माण हो सकता है। इजरायल को इस बात का डर है कि यह तकनीक ईरान और उत्तर कोरिया के पास न जाए ।
हारोप ड्रोन है क्या ?
पिछले वर्ष अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच हुए युद्ध में अजरबैजान ने हारोप ड्रोन का प्रयोग किया था । इस ड्रोन हमले के सामने आर्मेनिया एयर डिफेंस सिस्टम और टैंक असहाय हो गए थे । अजरबैजान सेना को बढत दिलाने में हारोप का बडा स्थान रहा । इस ड्रोन में लगी एंटी रडार होमिंग सिस्टम शत्रू के रडार को भी बाधित कर सकता है । इस ड्रोन को अपना लक्ष्य न मिलने पर यह वापस अपने स्थान पर आ जाता है । लक्ष्य दिखने पर यह ड्रोन उसे नष्ट कर स्वयं को नष्ट कर लेता है ।
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