केंद्र सरकार के दबाव का परिणाम !
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नई देहली : केंद्र सरकार द्वारा किसान आंदोलन की पृष्ठभूमि में भारत विरोधी असत्य एवं प्रक्षोभक जानकारी फैलानेवाले ट्विटर खातों पर प्रतिबंध लगाने की मांग पर अडिग रहने के पश्चात ट्विटर ने ९७ प्रतिशत खाते बंद कर दिए । सरकार ने ट्विटर को देहली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन से संबंधित हैशटैग ‘फार्मर जिनोसाईड’ (किसान नरसंहार) में किए गए लेखन और खातों को हटाने की मांग की थी । ट्विटर ने प्रथमतः प्रतिबंध लगाना अस्वीकार कर दिया था; परंतु सरकार द्वारा दबाव डालने के पश्चात, ७०९ खाते पहले बंद किए गए । कुल १ सहस्र ४३५ में से १ सहस्र ३९८ खाते ट्विटर द्वारा बंद किए गए हैं । केंद्र सरकार द्वारा जिन १ सहस्र १७८ खातों को पाकिस्तान तथा खालिस्तान से जुडे होने की बात की गई थी, उन्हें ट्विटर ने ब्लॉक कर दिया है । साथ ही, उपर्युक्त हैशटैग का प्रयोग करने वाले २५७ ट्विटर खातों में से २२० बंद किए गए हैं ।
Twitter blocks 97% of accounts, posts flagged by IT Ministryhttps://t.co/xQuPXVAw2O pic.twitter.com/k36djZvOWT
— Hindustan Times (@htTweets) February 12, 2021
इसके पूर्व, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संदर्भ लेते हुए, ट्विटर ने पत्रकारों, राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं और मंत्रियों के खातों पर कार्रवाई करना अस्वीकार कर दिया था । तभी से उन खातों पर कार्रवाई की मांग को लेकर केंद्र सरकार ने आक्रामक भूमिका अपना ली थी । केंद्र सरकार ने ट्विटर को स्पष्ट रूप से बताया, कि ‘ट्विटर के अपने नियम हो सकते हैं; परंतु भारत में, भारतीय कानून का सम्मान करना ही चाहिए तथा सरकार द्वारा सूचित सभी ट्विटर खातों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए ।’ उसके उपरांत ९७% खाते बंद कर दिए गए । (जब तक शेष ३% खाते बंद नहीं हो जाते, तब तक सरकार को उनका अनुसरण करते हुए खाते बंद करने के लिए ट्विटर को बाध्य करना चाहिए ! – संपादक)
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