पाकिस्तानी जेलों में भारत-पाक युद्धों में बंदी बनाए गए अनेक सैनिक पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं और भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव आज भी पाकिस्तानी कारागार में बंद हैं । भारत को अपने सैनिकों को मुक्त कराने के लिए चर्चा करके समय बर्बाद करने से बेहतर कि इसी तरह सर्जिकल स्ट्राइक की जाए ।

तेहरान (ईरान) – भारत के बाद, अब ईरान ने भी पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की और अपने दो सैनिकों को रिहा करा लिया । ईरान के ‘रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स’ ने ‘जैश-ए-अदल’ जिहादी समूह के ठिकानों पर छापा मारा और अपने सैनिकों को मुक्त कराया । किसी ईरानी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा । पिछले ढाई साल से ये सैनिक इस आतंकी संगठन की गिरफ्त में थे ।
#Iran has reportedly conducted a 'surgical strike' in #Pakistan this week and rescued its imprisoned men from the country.
(@Geeta_Mohan) https://t.co/mv23F0EjGS— IndiaToday (@IndiaToday) February 4, 2021
१. ‘जैश-उल-अदल’ दक्षिण पश्चिम पाकिस्तान में ईरानी सीमा पर सक्रिय एक कट्टर वहाबी आतंकवादी संगठन है । इस आतंकवादी संगठन ने ईरानी सैनिकों पर २०१९ के आक्रमण की जिम्मेदारी का दावा किया था । इसमें कुछ सैनिक मारे गए थे ।
२. १६ अक्टूबर, २०१८ को ‘जैश-उल-अदल’ ने १२ ईरानी सैनिकों का अपहरण कर लिया था । घटना बलूचिस्तान प्रांत के मर्कवा शहर में हुई । यह क्षेत्र पाकिस्तान-ईरान सीमा के समीप है । इन सैनिकों को रिहा करने के लिए ईरान और पाकिस्तान की संयुक्त समिति भी बनाई गई थी । संगठन ने नवंबर २०१८ में पांच सैनिकों को रिहा करवाया था, जबकि २१ मार्च, २०१९ में चार सैनिकों को एक पाकिस्तानी सैन्य अभियान में मुक्त कराया गया था ।
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