
नई दिल्ली : ‘विश्व में जहां कोरोना का प्रभाव अभी कम नहीं हुआ है, वहीं कोरोना वायरस जैसी फफूंद अब विश्व के लिए बडा खतरा बन सकती है’, वैज्ञानिकों का कहना है । फफूंद को ’कैंडिडा ऑरिस’ कहा जाता है और यह मनुष्यों के लिए बेहद खतरनाक है । कैंडिडा ऑरिस ´ब्लैक प्लेग´ के समान एक फफूंद है । ‘ब्लैक प्लेग’ को ‘ब्युबोनिक प्लेग’ भी कहा जाता है । पिछले कुछ महीनों में चीन में ब्युबोनिक प्लेग के कुछ रोगी पाए गए थे । ‘द सन’ वृत्त पत्र ने ‘सेंटर फॉर डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ आरोग्य नियंत्रक संस्था के वैज्ञानिकों का हवाला देते हुए कहा है ।
While the world struggles to contain the ongoing #coronavirus pandemic, scientists are warning of another one which is likely to come from a yeast-like fungushttps://t.co/z4qWKhhNfi
— WION (@WIONews) February 2, 2021
१. यह फफूंद बहुत तीव्रता से फैलता है । फफूंद एक व्यक्ति से दूसरे में बहुत जल्दी संक्रमित होता है । वैज्ञानिक इस फफूंद को बीमारी और संक्रमण का सबसे अच्छा वाहक ‘परफेक्ट पैथोजन’ कहते हैं । ये फफूंद लगातार अपने गुण बदलती है । फफूंद कई दवाओं के प्रतिरोध का निर्माण करके स्वयं के गुणों में बदलाव लाती है, इसलिए दवाओं का उस पर अधिक प्रभाव नहीं पडता है ।
२. कैंडिडा ऑरिस एक फफूंद है जो सीधे रक्तप्रवाह को प्रभावित करती है । यदि रक्त में फफूंद का निर्माण होता है, तो यह घातक हो सकती है । यदि फफूंद अस्पताल में चिकित्सा उपकरण या हथियार के माध्यम से शरीर में प्रवेश करती है, तो यह अधिक खतरनाक है । वैज्ञानिकों ने आशंका व्यक्त की है कि यदि अस्पताल बडी संख्या में फफूंद से संक्रमित हो जाता है, तो जोखिम और बढ सकता है ।
३. संयुक्त राज्य अमेरिका के फ्लोरिडा में जुलाई माह में कोरोना के लिए इलाज किए गए ४० लोग कैंडिडा ऑरिस से संक्रमित थे । उसके उपरांत अगले महीने में ३५ लोग कैंडिडा ऑरिस से संक्रमित हुए थे ।
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