
नई दिल्ली : नई दिल्ली में इजरायली दूतावास के पास बम विस्फोट में ‘पी.ई.टी.एन्.’ प्रकार के विस्फोटक का प्रयोग किया गया है । ये सेना द्वारा प्रयोग किए जानेवाला विस्फोटक है । ये विस्फोटक आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं । इससे पहले अलकायदा जैसे आतंकवादी समूहों ने बम बनाने के लिए इन विस्फोटकों का प्रयोग किया था ।
(सौजन्य : India Today)
जांचकर्ताओं को घटनास्थल पर ९ वोल्ट की बैटरी के कुछ अवशेष भी मिले हैं । सूत्रों ने बताया कि, इससे पहले इंडियन मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा ने बम बनाने के लिए ऐसी बैटरी का प्रयोग किया था । इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी, बम बनाने के लिए आसानी से उपलब्ध अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग करते थे ।
पेरिस में इज़राइली दूतावास के पास भी एक बम मिला

नई दिल्ली में इज़राइली दूतावास के सामने जब बम स्फोट हुआ, उसके कुछ ही घंटे बाद, पेरिस में इज़राइली दूतावास के पास बम बरामद हुआ । इसलिए, दिल्ली विस्फोट एक अंतरराष्ट्रीय षडयंत्र का हिस्सा हो सकता है, इस आधार पर जांच चल रही है ।
(सौजन्य : News Nation)
२०१२ में, एक इजरायली राजनीतिक अधिकारी के चार पहिया वाहन को बम से दिल्ली में उडा दिया गया था । उसी दिन, जॉर्जिया में इज़राइली दूतावास के पास खडे एक चार पहिया वाहन में एक बम मिला था । थाईलैंड में इजरायली दूतावास पर भी आक्रमण हुआ था । यह संदेह है कि ईरान इन सभी आक्रमणों के पीछे था । अब भी दिल्ली बमस्फोट के पीछे ईरान का हाथ होने की बात सामने आ रही है ।
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