
नई देहली : भविष्य में गरीबी रेखा का निर्धारण आय से नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन स्तर से होगा । ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रकाशित एक सूचना के अनुसार, यह आवास, शिक्षा और स्वच्छता जैसी सुविधाओं के आधार पर तय किया जाएगा । इसमें कोरोना महामारी की कुछ आवश्यक बातों को रेखांकित किया गया है । इनमें गुणवत्ता, शिक्षा और जागरूकता, जल और स्वच्छता सुविधाएं, उचित पोषण और आवास की आवश्यकता, भौतिक दूरी का पालन आदि निकष सम्मिलित हैं ।
भारत में निम्न मध्यम वर्ग की दैनिक आय ७५ रुपए प्रति व्यक्ति बताई जाती है । अत: भारत को अब निम्न और मध्यम आयवर्ग की नई वास्तविकता को स्वीकार करने की आवश्यकता है । विश्व बैंक के अनुसार, गरीबी को भूख के कारण सडक के किनारे रहना नहीं वरन बढती अर्थव्यवस्था के माध्यम से अवसरों का लाभ नहीं लेने के रूप में परिभाषित किया जाना चाहिए ।
भारत हिंदू राष्ट्र ही है ! – UM Pralhad Joshi
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