
नई देहली – कोरोना विषाणु संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रथम देसी टीके ‘कोवैक्सिन’का मानवीय परीक्षण देहली के ‘एम्स्’ चिकित्सालय में आरंभ हुआ है । परीक्षण के पहले चरण में ३७५ स्वयंसेवियों को ‘कोवैक्सिन’ दी जाएगी । ‘एम्स्’ चिकित्सालय में १०० स्वयंसेवियोंपर इस टीके का परीक्षण किया जाएगा और शेष २७५ स्वयंसेवियोंपर यह मानवीय परीक्षण देश के अन्य केंद्रों मेें किया जाएगा । एम्स्’के १०० स्वयंसेवियों में से केवल पहले ५० स्वयंसेवियों को यह टीका दिया जाएगा । इस परीक्षण के निष्कर्ष यदि सकारात्मक प्राप्त हुए, तो इस परीक्षण का ब्यौरा ‘डेटा कमिटी’ को भेजा जाएगा । इस परीक्षण के अनुसार यदि सबकुछ ठीक रहा, तो उसके पश्चात यह टीका अन्य स्वयंसेवियों को दिया जाएगा ।
AIIMS on Monday, announced that it will start screening volunteers for phase-1 testing of the indigenous #COVID19 vaccine, Covaxin, , on healthy persons aged 18-55, without co-morbidities https://t.co/Aq2ZBUoxJM
— The Hindu (@the_hindu) July 21, 2020
भाग्यनगर के ‘भारत बायोटेक’ने भारतीय चिकित्सकीय शोध संस्था (आई.सी.एम्.आर्.) एवं ‘नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वाइरॉलॉजी’ (एन्.आई.वी.) ने संयुक्तरूप से ‘कोवैक्सिन’ टीका तैयार किया है । इस टीके का सांकेतिक नाम ‘बीबीवी-१५२’ है ।
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(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar
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