- चीन में वर्षा होने पर भारत में छाता खोलनेवाले कम्युनिस्ट देशद्रोही ही हैं, यह उनके विचारों से पुनः एक बार स्पष्ट होता है ! इसमें से उन्हें यह दिखाना है कि कश्मीर के संबंध में भारत द्वारा लिया गया निर्णय अनुचित था और इसलिए ही चीन ने आक्रमण किया है !
- कम्युनिस्टों ने क्या कभी चीन द्वारा हडपे गए भारत के भूभाग के संबंध प्रतिक्रिया व्यक्त की है ? क्या कभी चीन को यह भूभाग लौटाने के लिए चेतावनी दी है ?
- साम्यवादी दलों के कारण देश की सुरक्षा संकट में है, इसलिए उन पर प्रतिबंध लगाकर दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कठोर कार्यवाई करना आवश्यक !

तिरुवनंतपुरम (केरल) – लद्दाख की सीमा पर भारत और चीन के मध्य चल रहे संघर्ष पर देश के विविध साम्यवादी दल वर्तमान में मौन साधे हुए हैं । अभी तक इस पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है; परंतु अब ‘पीपल्स डेमोक्रेसी’ नामक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट दल के समाचारपत्र में २८ जून के संपादकीय में इस पर वक्तव्य किया गया है तथा उसमें ‘भारत द्वारा कश्मीर के संबंध में लिए हुए विभाजन के निर्णय पर चीन ने दी हुई प्रतिक्रिया’ ऐसा कहा गया है । उसी में चीन द्वारा भारतीय सेना पर किए गए आक्रमण को भी ‘अत्यंत घृणित कृत्य’ कहा गया है ।
‘पीपल्स डेमोक्रेसी’ ’के संपादकीय को पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें ।
https://peoplesdemocracy.in/2020/0628_pd/india-china-conflict
इस संपादकीय में कहा है कि,
१. भारत और चीन के मध्य वर्तमान में चल रहा संघर्ष जम्मू-कश्मीर राज्य को विभाजित कर उसका जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ये २ केंद्रशासित भाग करने की प्रतिक्रिया है ।
२. चीन ने भारत सरकार के कृत्य की ओर उस दृष्टि से देखा है । चीन ने उस समय भारत को इस संबंध में विरोध भी दर्शाया था । उसके मतानुसार प्रशासकीय व्यवस्था में किए गए इस परिवर्तन का परिणाम उस भूभाग पर भी होगा, जिस पर चीन अपना दावा कर रहा है ।
जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के फैसलों का नतीजा है चीन के साथ विवाद: CPM #IndiaChinaFaceOff https://t.co/t36foOY6Hs
— NBT Hindi News (@NavbharatTimes) June 28, 2020
३. भारत सरकार ने चीन द्वारा व्यक्त इस प्रतिक्रिया की अनदेखी की है । चीन ने यह सूत्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी उठाया था और वहां भी भारत अपने मत पर दृढ था । (भारत को जो उचित है, उस पर दृढ रहना चाहिए, फिर चाहे किसी को कुछ भी लगे ! – संपादक)
४. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ६ अगस्त २०१९ में संसद में दिए भाषण में कहा था कि, जम्मू-कश्मीर में पाक अधिकृत कश्मीर और अक्साई चिन दोनों का समावेश है । विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कहा था कि पाक अधिकृत कश्मीर भारत का ही भाग है । (तो उन्हें और अलग क्या कहना चाहिए था ? पाक और चीन ने हडपे हुए भाग भारत के हैं, ऐसा कहने पर जिनको मरोड उठती है, वे भारत से निकल जाएं ! – संपादक)
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