
२२.३.२०२० के दैनिक सनातन प्रभात में कोरोना विषाणु के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढाने हेतु पू. डॉ. मुकुल गाडगीळजी द्वारा बताया श्री दुर्गादेव्यै नमः । श्री दुर्गादेव्यै नमः । श्री दुर्गादेव्यै नमः । श्री गुरुदेव दत्त । श्री दुर्गादेव्यै नमः । श्री दुर्गादेव्यै नमः । श्री दुर्गादेव्यै नमः । ॐ नमः शिवाय । एक माला नामजप मैंने दोपहर ३.४५ बजे आरंभ किया । नामजप करते समय मुझे विषाणु (कीडों के रूप में) भागते हुए दिखाई दिए । नामजप करते समय साक्षात श्री दुर्गामाता के दर्शन हुए । दुर्गामाता ने मुझे कहा, मैं सभी साधकों की रक्षा करूंगी । नामजप करते समय जपमाला से प्रचुर मात्रा में अच्छे स्पंदन प्रक्षेपित हो रहे थे । नामजप करते समय चैतन्य के कारण जपमाला में समाहित मणि हिल रहे थे और श्री दुर्गामाता के चरणों में बार-बार कृतज्ञता व्यक्त हो रही थी । – श्री. प्रताप सिंह वर्मा, मथुरा (२२.३.२०२०)
इस अंक में प्रकाशित अनुभूतियां, ‘जहां भाव, वहां भगवान’ इस उक्ति अनुसार साधकों की व्यक्तिगत अनुभूतियां हैं । वैसी अनूभूतियां सभी को हों, यह आवश्यक नहीं है । – संपादक