महाराष्ट्र के १४ जनपद रेड जोन में !

नई देहली – केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की स्वास्थ्य सुरक्षा सचिव प्रीती सुदन ने जानकारी दी है कि देश के जनपदों का वर्गीकरण किया गया है, जिसके अनुसार देश के ७३३ जनपदों में से १३० जनपद रेड जोन (कोरोना की दृष्टि से संकटदायक), २८४ जनपद ऑरेंज जोन (कोरोना की दृष्टि से मध्यम संकटदायक) तथा ३१९ जनपद ग्रीन जोन (कोरोनामुक्त) हैं । प्रीती सुदन ने १ मई को सभी प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी दी है । उसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि कोरोनाग्रस्त रोगियों का कोरोनामुक्त होने की संख्या में वृद्धि हुई है । इसलिए पुनः एक बार सर्व जनपदों का वर्गीकरण किया गया है । इसके अतिरिक्त यह भी स्पष्ट किया है कि प्रत्येक सप्ताह में कोरोनाबाधित रोगियों की संख्या का अध्ययन कर उसके अनुसार उक्त सभी प्रकार के वर्गीकरण में परिवर्तन में किया जाएगा । देश के देहली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू और भाग्यनगर (हैदराबाद) आदि महानगरों का समावेश रेड जोन में किया गया है । इसलिए ४ मई के पश्चात भी संचार बंदी लागू रहेगी तथा संचार बंदी का कठोरता से पालन करना पडेगा ।

रेड जोन में रखे गए शहरों की राज्यों के अनुसार सूची
रेड जोन में सर्वाधिक शहरों का समावेश रहनेवाली सूची में उत्तरप्रदेश का प्रथम क्रमांक है । वहां १९ जनपद रेड जोन में हैं । उसके पश्चात महाराष्ट्र के १४ जनपदों का समावेश रेड जोनमें किया गया है । तत्पश्चात तमिलनाडु के १२, बंगाल के १०, देहली के ११, मध्यप्रदेश और गुजरात में प्रत्येकके ९, राजस्थान के ८, तेलंगाना के ६, आंध्रप्रदेश और बिहार में प्रत्येक के ५, जम्मू-कश्मीर के ४, कर्नाटक, ओडिशा और पंजाब आदि राज्यों में से प्रत्येक में ३, हरियाणा और केरल में से प्रत्येक में दो तथा चंडीगढ, छत्तीसगढ, झारखंड, उत्तराखंड और अंडमान निकोबार द्वीप में से प्रत्येक में १, इस प्रकार कुल १३० शहरों का समावेश है ।
ग्रीन जोन में उन जनपदों का समावेश है, जिनमें गत २८ दिनों से कोरोना का एक भी रोगी दिखाई नहीं दिया है । इसके अतिरिक्त ऑरेंज जोन में उन जनपदों का समावेश है, जहां गत १४ दिनों से कोरोना का एक भी रोगी नहीं मिला है । इन दोनों वर्गीकृत गुटों के शहरों में संचारबंदी में कुछ मात्रा में ढील दी जानेवाली है । रेड जोनमें समाविष्ट शहरों की संचार बंदी में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी तथा उन्हें बंदी का कठोरता से पालन करना पडेगा ।
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