स्वाईन फ्लू : संपूर्ण विश्व में फैली महामारी का एक अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र !
स्वाईन फ्लू रोग कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, उसे जानबूझकर बनाया गया है । इस महामारी के लिए स्विट्जरलैंड प्रतिष्ठान नोवार्टीस व फोर्ट डोट्रिक नामक अमेरिकन सेना की बायोलॉजिकल प्रयोगशाला अपराधी है । इस बायोलॉजिकल प्रयोगशाला के भ्रष्ट वैज्ञानिकों ने स्वाईन फ्लू के संकटकारी विषाणु तैयार किए । इस षड्यंत्र का उद्देश्य क्या है ? इसके संदर्भ में डॉ. ओट ने बताया कि स्वाईन फ्लू रोग पर केवल नोवा के पास ही औषधि है । यह प्रतिष्ठान मनमाने मूल्य पर यह औषधि बेचकर करोडों डॉलर अर्जित कर रहा है । इस प्रकार इस महामारी के माध्यम से नरसंहार कर विश्व की जनसंख्या ५० करोड की जाए, जिससे उन्हें अपनी मनमानी करना संभव होगा, यह उद्देश्य है । इस गुप्त उद्देश्य की पूर्ति करने हेतु स्वाईन फ्लू के विषाणु मार्च-अप्रैल में वातावरण में छोडे गए थे । डॉ. ओट ने इन आरोपों को प्रमाणित करने हेतु कुछ प्रमाण दिए हैं ।
– (संदर्भ : पाक्षिक पाथेय कण, १.९.२००६)
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वीर सावरकर के वचन
‘आत्मा एक ही है, केवल उसके रूप भिन्न हैं’, यह ज्ञात होने पर द्वैत समाप्त होकर ‘एकत्व साधना’ संभव हो पाता है !
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