
अनेक उद्योगपति प्रतिष्ठान की (कंपनी की) प्रसिद्धि करने के लिए अपने विज्ञापनों से युक्त दिनदर्शिका (कैलेंडर) प्रकाशित कर उसे ग्राहकों, कर्मचारियों, संबंधियों आदि को उपहार के रूप में देते हैं । व्यावसायिक व्यस्ततावश अनेक उद्योगपतियों को धर्मकार्य में प्रत्यक्ष भाग लेना संभव नहीं होता । अतः उक्त दोनों उद्देश्य साध्य करने के लिए उद्योगपति ‘सनातन पंचांग’ में स्थित विज्ञापनों के स्थान पर केवल स्वयं के विज्ञापन देकर दिनदर्शिका का वितरण कर सकते हैं । इसके कारण पाठकों को राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति से संबंधित लाभ होकर उद्योगपति धर्मकार्य में भी सम्मिलित हो पाएंगे, साथ ही उनके उद्योग की प्रसिद्धि भी होगी ।
सनातन का नि:स्वार्थ कार्य देखकर अब तक पुणे के ‘बाफना ज्वेलर्स’, गुजरात के ‘इलेक्ट्रोथर्म’, देहली के ‘मेट्रो बिल्डटेक’, चेन्नई के ‘कुमारन् सिल्क’, इन प्रतिष्ठानों ने केवल स्वयं के विज्ञापनों से युक्त ‘सनातन पंचांग’ छपवा लिया है ।

‘सनातन पंचांग’ की विशेषताएं !१. आकर्षक रंग, सात्त्विक अंक तथा अक्षरों से युक्त लेख ! २. देवताओं के सात्त्विक चित्र, राष्ट्र एवं धर्म के विषय में उद्बोधन, साथ ही आपातकाल का सामना करने हेतु आवश्यक तैयारी तथा मनोबल बढानेवाले उपचार अंतर्भूत ! ३. हिन्दी, मराठी, अंग्रेजी, कन्नड, तमिल, तेलुगु एवं गुजराती, इन भाषाओं में उपलब्ध ! उद्योगपतियो, हिन्दुओं को धर्मशिक्षा देकर धर्मरक्षा हेतु प्रेरित करनेवाले ‘सनातन पंचांग’ में स्वयं के प्रतिष्ठान के विज्ञापन छापकर उनके वितरण के माध्यम से धर्मप्रसार के कार्य में सम्मिलित हों ! इस पंचांग को छापने के इच्छुक उद्योगपति पंचांग के मुद्रण से न्यूनतम ३ से ४ सप्ताह पूर्व अपनी जानकारी [email protected] इस ई-मेल पते पर भेजें । इसके संदर्भ में कुछ शंकाएं हों, तो श्रीमती भाग्यश्री सावंत से 7058885610 इस क्रमांक पर संपर्क करें ! टिप्पणी : पंचांग में प्रकाशित करनेयोग्य विज्ञापनों की कलाकृतियां (‘आर्टवर्क’) उद्योगपतियों से बनाकर मिलीं, तो उससे सहायता होगी । |
(और इनकी सुनिए…) “हिन्दुओ को विभाजित करने के लिए दूसरा रास्ता चुनना होगा ।” – Maulana Sajjad Nomani
देवभूमि को कचरे से मत भरो । – Foreign Women Tourist
National Ghar Wapsi Day : १९ जून को ‘राष्ट्रीय घरवापसी दिन’ के रूप में मनाएं !
साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाओ !
साधको, वर्षा ऋतु आरंभ होनवाली है; इसलिए कहीं कोई सामग्री भेजते समय, उसे प्लास्टिक के आवरण में बांधकर ही भेजें !